केजरीवाल के किराया माफी बयान को लागू कराने से इनकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश पलटा

Amir Ahmad

6 April 2026 1:28 PM IST

  • केजरीवाल के किराया माफी बयान को लागू कराने से इनकार: दिल्ली हाईकोर्ट ने सिंगल जज का आदेश पलटा

    दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम फैसले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान को कानूनी रूप से लागू कराने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने कोविड लॉकडाउन के दौरान गरीब किरायेदारों का किराया सरकार द्वारा देने की बात कही थी।

    जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने सिंगल जज के आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि इस तरह के बयान को लागू कराने के लिए अदालत कोई निर्देश (मैंडेमस) जारी नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिका को भ्रमित बताते हुए खारिज किया।

    अदालत ने स्पष्ट कहा,

    “मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान को लागू कराने के लिए कोई मैंडेमस जारी नहीं किया जा सकता।”

    यह मामला उस याचिका से जुड़ा था, जिसमें दिहाड़ी मजदूरों और गरीब किरायेदारों ने मांग की थी कि 29 मार्च, 2020 को किए गए बयान को सरकार लागू करे। उस समय लॉकडाउन के दौरान केजरीवाल ने मकान मालिकों से किराया न लेने की अपील की थी और कहा था कि यदि किरायेदार सक्षम नहीं हैं तो सरकार उनका किराया देगी।

    सिंगल जज ने 2021 में अपने फैसले में कहा था कि मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया आश्वासन लागू करने योग्य है और सरकार को इसे लागू करना चाहिए। हालांकि, इस आदेश पर बाद में रोक लगा दी गई।

    अब खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कानूनी अधिकार नहीं बनता, जिसके आधार पर अदालत सरकार को इस प्रकार के बयान को लागू करने का आदेश दे।

    साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि मार्च, 2020 में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश को चुनौती नहीं दी गई, इसलिए मकान मालिकों को यह अनुमति नहीं दी जा सकती कि वे लॉकडाउन के दौरान रह रहे किरायेदारों से जबरन किराया वसूलें।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार चाहे तो इस संबंध में कोई नीतिगत निर्णय ले सकती है।

    Next Story