नेताओं पर अवमानना कार्रवाई पार्टी की मान्यता खत्म करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP के खिलाफ याचिका खारिज की

Amir Ahmad

22 May 2026 3:35 PM IST

  • नेताओं पर अवमानना कार्रवाई पार्टी की मान्यता खत्म करने का आधार नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP के खिलाफ याचिका खारिज की

    दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी राजनेता के आचरण से अदालत की गरिमा, अधिकार या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचती है तो उसके लिए अवमानना कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है लेकिन केवल इसी आधार पर किसी राजनीतिक दल की मान्यता समाप्त नहीं की जा सकती।

    चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने आम आदमी पार्टी (AAP) की मान्यता रद्द करने और उसके नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और दुर्गेश पाठक को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

    याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने अदालत से मांग की थी कि आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत में पेश होने से इनकार करने और सोशल मीडिया पर कथित तौर पर उनकी छवि धूमिल करने के कारण आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

    याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि जस्टिस शर्मा की टिप्पणियों से यह स्पष्ट होता है कि नेताओं का आचरण संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ था, इसलिए जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29ए(5) के तहत चुनाव आयोग को पार्टी की मान्यता खत्म करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने इस दलील को बेहद दूर की कौड़ी भ्रामक और गलत आधार पर आधारित बताते हुए खारिज किया।

    अदालत ने कहा कि एकल पीठ द्वारा आबकारी नीति मामले में की गई टिप्पणियां केवल उसी मामले तक सीमित थीं। उन्हें आधार बनाकर किसी राजनीतिक दल की मान्यता खत्म करने की मांग नहीं की जा सकती।

    खंडपीठ ने कहा,

    “यदि किसी व्यक्ति का आचरण अदालत की गरिमा या अधिकार को कम करने वाला पाया जाता है तो ऐसी स्थिति में कानून के तहत उचित उपाय अवमानना अधिनियम, 1971 में उपलब्ध हैं।”

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि एकल पीठ की टिप्पणियां चुनाव आयोग को किसी पार्टी के खिलाफ मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य नहीं करतीं।

    इसी आधार पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि कानून में मान्यता प्राप्त ऐसा कोई आधार नहीं बनता, जिसके तहत AAP का पंजीकरण रद्द किया जा सके।

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