निजी पता और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप, सौरव दास ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मुकदमा

Amir Ahmad

21 Aug 2026 5:38 PM IST

  • निजी पता और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक करने का आरोप, सौरव दास ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया मुकदमा

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास ने सोशल मीडिया पर अपना आवासीय पता और निजी जानकारी सार्वजनिक किए जाने के आरोप में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा समेत कई लोगों और समाचार एवं वेब मंचों के खिलाफ मुकदमा दायर किया।

    मुकदमे में संडे गार्जियन, जयपुर डायलॉग्स, पैम्फलेट और लॉबीट समेत कई मंचों को प्रतिवादी बनाया गया। इसके अलावा गूगल LLC और X कॉर्प को भी मामले में पक्षकार बनाया गया।

    दास ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया है कि प्रतिवादियों ने उनके आवासीय पते और उनके जीवन से जुड़ी निजी तथा संवेदनशील जानकारियों का कथित तौर पर पता लगाया, उन्हें दर्ज किया सार्वजनिक किया और बार-बार प्रसारित किया। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से उनके निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार का उल्लंघन हुआ है।

    याचिका में दास ने अपने आवासीय पते के अलावा अपनी पृष्ठभूमि, माता-पिता से जुड़ी जानकारी और निजी जीवन से संबंधित अन्य संवेदनशील सूचनाएं सार्वजनिक किए जाने का भी आरोप लगाया।

    उन्होंने प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा जारी करने के साथ-साथ निजी जीवन में कथित हस्तक्षेप और उसकी जानकारी सार्वजनिक करने के लिए हर्जाने की मांग की।

    दास का कहना है कि पत्रकारिता से जुड़े उनके काम, जनहित में किए गए खुलासों और राजनीतिक गतिविधियों के कारण उन्हें पहले भी हिंसक धमकियों और लक्षित विरोध का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए विभिन्न वीडियो इस संबंध में महत्वपूर्ण हैं।

    उन्होंने दावा किया कि उनके सटीक आवासीय पते को बार-बार सार्वजनिक और व्यापक रूप से प्रसारित किए जाने से उनके घर और उसके आसपास हिंसा का वास्तविक और पूर्वानुमेय खतरा पैदा हो गया। उनका कहना है कि इससे उनके साथ-साथ उसी परिसर में रहने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई।

    दास ने यह भी आरोप लगाया कि पैम्फलेट से जुड़े लोगों ने उस साझा आवासीय परिसर में कथित तौर पर अनधिकृत प्रवेश किया, जहां वह रहते हैं।

    उनका दावा है कि उनके घर के कुछ हिस्सों, जिनमें अंदरूनी हिस्से भी शामिल हैं के वीडियो बनाए गए और बाद में उन्हें X पर प्रकाशित किया गया।

    मुकदमे में दास ने अदालत से निजी जानकारी के आगे प्रकाशन और प्रसार पर रोक लगाने तथा उनके निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकारों की रक्षा के लिए उचित आदेश जारी करने की मांग की। मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष आगे की सुनवाई में आरोपों और प्रतिवादियों के पक्ष पर विचार किया जाएगा।

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