ChatGPT के खिलाफ कॉपीराइट केस में अंतरिम राहत खारिज किए जाने कोर ANI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दी चुनौती
Amir Ahmad
8 Sept 2026 11:59 AM IST

समाचार एजेंसी एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI) ने ChatGPT बनाने वाली कंपनी OPENAI के खिलाफ दायर कॉपीराइट उल्लंघन मामले में अंतरिम रोक की मांग खारिज किए जाने के दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल जज के आदेश को चुनौती दी। ANI ने मंगलवार को खंडपीठ के समक्ष अपील दाखिल की।
मामला जस्टिस वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के सामने सूचीबद्ध था लेकिन पीठ के नहीं बैठने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले को अब 14 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। जस्टिस राव की पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति हो चुकी है।
ANI ने मूल मुकदमे में आरोप लगाया कि OPENAI उसके मूल समाचारों का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी का दावा था कि ChatGPT यूजर्स के सवालों के जवाब देते समय उसके समाचारों को कई बार शब्दश: प्रस्तुत करता है।
ANI ने यह भी आरोप लगाया कि ChatGPT उसके नाम से ऐसे बयान और खबरें भी प्रस्तुत कर देता है, जो वास्तव में कभी प्रकाशित या घटित ही नहीं हुईं। एजेंसी ने इसी आधार पर अपने समाचारों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी।
दूसरी ओर OPENAI ने भारत में इस मुकदमे की सुनवाई योग्य होने पर ही सवाल उठाया। उसका कहना था कि उसके कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल भारत में प्रशिक्षित नहीं होते और उसके सर्वर अमेरिका में स्थित हैं।
OPENAI ने यह भी दलील दी थी कि मशीन से सीखने की उसकी प्रक्रिया मूल सामग्री को नए रूप में इस्तेमाल करती है और यह परिवर्तनकारी प्रकृति की है। कंपनी ने कहा कि समाचारों में मौजूद तथ्य कॉपीराइट के संरक्षण में नहीं आते। उसने यह भी बताया कि जो समाचार संगठन अपनी सामग्री को उसके मॉडल द्वारा इस्तेमाल किए जाने से रोकना चाहते हैं, वे उसे रोकने वाली सूची में शामिल किए जाने का अनुरोध कर सकते हैं।
यह मामला भारत में ChatGPT के खिलाफ दायर शुरुआती प्रमुख कॉपीराइट मुकदमों में से एक है। अब दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष मुख्य सवाल अंतरिम राहत से जुड़े ANI के दावे और सिंगल जज के आदेश की कानूनी वैधता का होगा।


