पंचायत नियमों के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा विभाग के वेतनमान का अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

Amir Ahmad

4 May 2026 6:16 PM IST

  • पंचायत नियमों के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मियों को स्कूल शिक्षा विभाग के वेतनमान का अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पंचायत विभाग के नियमों के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मी स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के समान वेतनमान या अन्य सेवा लाभ पाने के हकदार नहीं हैं।

    चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने यह फैसला उन शिक्षाकर्मियों की अपील खारिज करते हुए दिया, जिन्होंने क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ देने की मांग की थी।

    याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति पंचायत विभाग के अंतर्गत शिक्षाकर्मी ग्रेड-2 और ग्रेड-3 के रूप में हुई तथा उनकी सेवाएं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा नियमित की गईं। बाद में राज्य सरकार की नीति के तहत उनकी सेवाएं स्कूल शिक्षा विभाग में समाहित कर दी गईं।

    शिक्षाकर्मियों ने 10 मार्च 2017 के परिपत्र के आधार पर 10 और 20 वर्ष की सेवा पूरी होने पर क्रमोन्नति वेतनमान का लाभ मांगा, लेकिन उनका दावा अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने हाइकोर्ट का रुख किया।

    अदालत ने कहा कि संबंधित परिपत्र केवल स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित सरकारी शिक्षकों पर लागू होता है, पंचायत कैडर के शिक्षाकर्मियों पर नहीं।

    खंडपीठ ने माना कि पंचायत विभाग के अंतर्गत दी गई सेवा को स्कूल शिक्षा विभाग की सेवा के समकक्ष नहीं माना जा सकता।

    अदालत ने यह भी कहा कि समानता का दावा तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब कर्मचारी सभी महत्वपूर्ण पहलुओं में समान स्थिति में हों।

    याचिकाकर्ताओं द्वारा जिस पूर्व फैसले का हवाला दिया गया, उसमें लाभ पाने वाली शिक्षिका सीधे सरकारी शिक्षक के रूप में नियुक्त हुईं, जबकि वर्तमान अपीलकर्ता पंचायत विभाग के तहत नियुक्त शिक्षाकर्मी थे। इसलिए दोनों मामलों को समान नहीं माना जा सकता।

    हाइकोर्ट ने कहा कि पंचायत नियमों से संचालित शिक्षाकर्मी स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों को मिलने वाले वेतनमान या अन्य लाभों के पात्र नहीं हैं।

    इसी आधार पर अदालत ने अपील खारिज करते हुए एकलपीठ का आदेश बरकरार रखा।

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