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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की परिकल्पना नई लेकिन अदालतों ने मौक़े को हाथ से जाने नहीं दिया : दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज की

LiveLaw News Network
13 Jun 2020 2:30 AM GMT
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की परिकल्पना नई लेकिन अदालतों ने मौक़े को हाथ से जाने नहीं दिया : दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई करने की मांग वाली याचिका ख़ारिज की
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अदालत को सभी मामलों की सुनवाई करने का आग्रह संबंधी याचिका का निपटारा करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए मामले की सुनवाई करना कोर्ट और वक़ील दोनों के लिए नया है और इसमें हर दिन एक नई चुनौती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों ने परिस्थितियों का सामना नहीं किया है।

एसबी त्रिपाठी ने 29/05/20 को दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों में 14.06.2020 तक न्यायिक कार्यों को निलंबित करने को चुनौती दी थी।

याचिका में मांग की गई थी कि रूटीन मामलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ई-फायलिंग और सुनवाई की अनुमति हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालत दोनों में दी जाए।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा,

"यह विडंबना है कि एक ओर तो याचिकाकर्ता ने यह कहा है कि सिर्फ़ ज़रूरी मामले ही नहीं बल्कि रूटीन मामलों की सुनवाई भी लॉकडाउन की अवधि के दौरान हो जबकि दूसरी ओर इस मामले में उसको लिंक अप दो चक्र की सुनवाई के बाद संभव हो पाई।"

अदालत ने कहा,

"यहां तक कि दूसरे कॉल में, याचिकाकर्ता बहुत ही मुश्किल से सुनवाई में शामिल हो पाया। कई बार कैमरे का रुख सीलिंग फ़ैन की ओर था जबकि दूसरे मौक़ों पर यह उनके पीछे मौजूद खिड़की की ओर था। हमारे और प्रतिवादी के वक़ील के काफ़ी प्रयासों के बाद ही याचिकाकर्ता कैमरे से मुख़ातिब हो पाया।"

इन परिस्थितियों पर ग़ौर करने के बाद अदालत ने कहा कि जब उन्हें इस तरह की स्थितियों का सामना करना पड़ा और उसके बाद वे इस मामले में पेश हो सके क्योंकि उन्होंने मामले को अर्जेंट बताया था, उस स्थिति में वह कैसे रूटीन मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करने की बात कह रहे हैं जबकि उसमें लंबे समय तक बहस की ज़रूरत होती है।

रितेश सिंह, ओएसडी (जांच) ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि लॉकडाउन की अवधि के दौरान हाईकोर्ट ने 3787 मामलों की सुनवाई वीडियो कंफ्रेंसिंग के माध्यम से की। इसके अलावा, अधीनस्थ अदालतों ने 23,339 मामलों की प्रत्यक्ष सुनवाई की और 14,482 मामलों की सुनवाई वीडियो कंफ्रेंसिंग से की। इस तरह, दिल्ली हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों ने कुल 41,608 मामलों की सुनवाई लॉकडाउन की अवधि के दौरान 09.06.2020 तक की।

आदेश की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहांं क्लिक करेंं



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