गोरक्षा दल के दोषियों को सजा सुनाने वाली जज तबस्सुम खान को धमकियों पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन सख्त, सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई की मांग
Amir Ahmad
3 July 2026 3:18 PM IST

गोरक्षा के नाम पर हुई मॉब लिंचिंग के मामले में दोषियों को सजा सुनाने वाली मध्य प्रदेश की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एवं सेशन जज तबस्सुम खान को मिल रही धमकियों और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे दुष्प्रचार अभियान की सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कड़ी निंदा की।
एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने तथा जज की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
तीन जुलाई को जारी अपने बयान में SCBA ने कहा कि जज तबस्सुम खान के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए वह उनके खिलाफ दी जा रही धमकियों, डराने-धमकाने की कोशिशों और सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे अपमानजनक अभियान की कड़ी भर्त्सना करता है।
एसोसिएशन ने कहा कि यह सब उनकी ओर से अपने न्यायिक दायित्वों के निर्वहन के दौरान दिए गए फैसले के बाद हुआ है।
एसोसिएशन ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार फैसला सुनाए जाने के बाद जज को धमकियां दी गईं और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र अभियान चलाया गया। इस मामले में FIR दर्ज की गई और उनकी सुरक्षा भी बढ़ाई गई।
जिला न्यायपालिका के महत्व पर जोर देते हुए SCBA ने कहा कि जिला अदालतें देश की न्याय व्यवस्था की आधारशिला हैं। यहां कार्यरत जज प्रतिदिन हजारों संवेदनशील दीवानी और आपराधिक मामलों का निपटारा करते हैं। ऐसे में उन्हें यह भरोसा मिलना चाहिए कि अपने संवैधानिक दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने पर कानून उनकी सुरक्षा करेगा।
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा,
"स्वतंत्र न्यायपालिका हमारे संविधान के प्रमुख स्तंभों में से एक है और उसे कमजोर करने का कोई भी प्रयास सख्ती से रोका जाना चाहिए।"
SCBA ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और राज्य सरकार से पूरे मामले की त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी जांच कराने की मांग की। साथ ही कहा कि जज के खिलाफ धमकियां देने या नफरत फैलाने वाले सभी लोगों की पहचान कर कानून के अनुसार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन भी जज तबस्सुम खान के समर्थन में बयान जारी कर चुका है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इस मामले का स्वतः संज्ञान ले चुका है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जज की सुरक्षा सुनिश्चित करने और धमकियों की जांच के लिए उठाए गए कदमों पर जवाब तलब किया है।


