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1984 सिख विरोधी दंगा : उम्रकैद की सजायाफ्ता पूर्व पार्षद बलवान खोखर को सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते का परोल दिया

LiveLaw News Network
15 Jan 2020 10:45 AM GMT
1984 सिख विरोधी दंगा : उम्रकैद की सजायाफ्ता पूर्व पार्षद बलवान खोखर को सुप्रीम कोर्ट ने 4 हफ्ते का परोल दिया
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कांग्रेसी नेता सज्जन कुमार के साथ 1984 के सिख विरोधी दंगों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कांग्रेस के पार्षद बलवान खोखर को सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के परोल पर रिहा कर दिया है। अदालत ने ये परोल उनके पिता की मृत्यु के चलते दिया है।

बुधवार को मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की पीठ के सामने बलवान खोखर की ओर से बताया गया कि उनके पिता की मृत्यु हो गई है। उनके अंतिम संस्कार व अन्य क्रियाक्रम में हिस्सा लेने के लिए परोल की जरूरत है। पीड़ितों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने भी इसका विरोध नहीं किया। इसके बाद पीठ ने खोखर को चार हफ्ते के परोल पर रिहा करने के निर्देश दिए। दरअसल खोखर को पालम के राजनगर में एक ही परिवार के केहर सिंह, गुरप्रीत सिंह, रघुवेंद्र सिंह, नरेंद्र पाल सिंह और कुलदीप सिंह को जान से मारने का दोषी पाया गया था। निचली अदालत ने 2013 में बलवान खोखर, महेंद्र यादव, किशन खोखर, गिरधारी लाल और कैप्टन भागमल को दोषी ठहराया था जबकि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बरी कर दिया था।

लेकिन सीबीआई ने सज्जन कुमार के ख़िलाफ़ यह कहते हुए अपील की थी कि भीड़ को उकसाने वाला सज्जन कुमार ही था। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने सज्जन कुमार को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सज्जन कुमार की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट गर्मियों की छुट्टियों में सुनवाई करेगा।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 31 अक्टूबर 1984 को यह दंगा फैला था।

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