Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा बरकरार रखी

LiveLaw News Network
12 Aug 2020 9:27 AM GMT
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के आरोपी की मौत की सज़ा बरकरार रखी
x

राजस्थान हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते एक हत्या के आरोपी को दी गई मौत की सजा को बरकरार रखा।

मोहन सिंह @ महावीर पर एक महिला की गला दबाकर हत्या करने और उसके बाद उसके पेट को काटकर उसके शरीर से कुछ अंगों को निकाल लिया गया था। पोस्टमार्टम जांच रिपोर्ट एक्ज़िबिट P36 के अनुसार मृतक की आंत, यकृत, अंडाशय, मूत्राशय, गर्भाशय और आंत का हिस्सा गायब था। ट्रायल कोर्ट ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 392 और 201 के तहत दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई।

जस्टिस सबीना और जस्टिस चंद्र कुमार सोंगरा की पीठ ने सजा को बरकरार रखते हुए ट्रायल कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष द्वारा रिकॉर्ड में लाए गए विभिन्न परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर ध्यान दिया, जिसमें 'अंतिम देखी गई परिस्थितियों' को स्थापित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और मृतक से लिए गए नमूने से डीएनए परीक्षण रिपोर्ट भी शामिल थी।

पीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा रिकॉर्ड पर लाई गई सभी परिस्थितियां दोषी को अपराधी ठहराए जाने की परिकल्पना को मज़बूत करती हैं ।

मौत की सजा की पुष्टि करते हुए हाईकोर्ट ने उल्लेख किया कि सिंह दोहरे हत्याकांड में आरोपी था और ओपन एयर कैंप, सांगानेर से फरार हो गया था, जबकि वह अपनी सजा काट रहा था।

पीठ ने अपील खारिज करते हुए कहा,

"पोस्टमार्टम जांच रिपोर्ट एक्ज़िबिट P36 के अनुसार, मृतक की आंत, यकृत, अंडाशय, मूत्राशय, गर्भाशय और आंत का हिस्सा गायब था। यह भी कि मृतक की पेल्विक कैविटी में लंबा ब्लाउज़ (कुर्ती) और पेटीकोट मिला। दोषी ने न केवल गला दबाकर मृतक की हत्या की थी, बल्कि उसके पेट को काट दिया था और शरीर से कुछ अंगों को निकाल लिया था और उसकी कुर्ती और पेटीकोट को उसके पेट में डाल दिया और पेट को तार से बांध दिया था।

दोषी का रिकॉर्ड देखते हुए और जिस तरह से उसने वर्तमान अपराध किया है, ट्रायल कोर्ट ने दोषी मोहन सिंह @ महावीर को धारा 302 आईपीसी के तहत मौत की सजा सुनाकर सही निर्णय दिया। इस प्रकार, दोष और दोषी की सजा को बरकरार रखा जाता है। "

केस का विवरण

केस नं .: डीबी। आपराधिक मृत्यु संदर्भ संख्या 7/2020

केस का नाम: राजस्थान राज्य बनाम मोहन सिंह @ महावीर

कोरम: जस्टिस सबीना और जस्टिस चंद्र कुमार सोंगरा

वकील: एएजी जावेद चौधरी और एडवोकेट सुरेश साहनी

जजमेंट की कॉपी डाउनलोड करें



Next Story