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बीमा कंपनी सरकार और बैंक के बीच मामला लंबित है इसलिए ग़रीब किसानों को बकाया बीमा राशि के भुगतान से इनकार नहीं किया जा सकता : राजस्थान हाईकोर्ट

LiveLaw News Network
2 Aug 2020 5:00 AM GMT
बीमा कंपनी सरकार और बैंक के बीच मामला लंबित है इसलिए ग़रीब किसानों को बकाया बीमा राशि के भुगतान से इनकार नहीं किया जा सकता : राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी) को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ता किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि का भुगतान करें। कोर्ट ने यह भुगतान इस आदेश के पारित होने के चार सप्ताह के भीतर करने को कहा है।

यह आदेश सतलाना ग्राम पंचायत के सरपंच भला राम पटेल की एक जनहित याचिका पर दिया गया है, जिन्होंने अपने गांव के हज़ारों किसानों की ओर से यह याचिका दायर की है जिन्हें 2016 और 2017 के ख़रीफ़ सीजन के लिए बीमा की राशि का भुगतान नहीं किया गया है।

जिन किसानों को 2016 ख़रीफ़ सीजन के लिए बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया है, उनका कहना है कि बीमा कंपनी भुगतान नहीं करने के लिए एआईसी बिना सिर पैर के बहाने बना रही है।

न्यायमूर्ति इंद्रजीत महंती और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने कहा कि बीमा कंपनियों ने जोखिमों और किसानों को बकाया बीमा राशि का हिसाब किया था जो कि ₹81 लाख है। जिन सहकारी बैंकों में किसानों के खाते हैं, उन्होंने सतलाना के 1052 किसानों के बकाया राशि के बारे में जानकारी दी थी जिन्होंने एआईसी को बीमा की किश्तें चुकाई हैं।

बीमा कंपनियों ने कोर्ट में कहा कि उसे राज्य सरकार और सहकारी बैंकों से राशि प्राप्त होने हैं और यह राशि उसे नहीं मिली है जिस वजह से उसने किसानों को भुगतान नहीं किया है।

कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनी का राज्य सरकार और सहकारी बैंकों के साथ जो मामले हैं, उसकी वजह से किसानों का भुगतान नहीं रोका जाना चाहिए।

"हम संबंधित प्रतिवादी पर इस मामले को सुलझाने की बात छोड़ते हैं और अगर सरकार को बीमा कंपनी और सहकारी बैंक को कोई राशि देनी है तो वे आपस में इन मामलों को सुलझाएं।"

अंत में कोर्ट ने किसानों की लंबे समय से चली आ रही नाराज़गी पर ग़ौर किया क्योंकि उन्हें बीमा की राशि 2016 से नहीं दी गई है। पीठ ने बीमा कंपनी को चार सप्ताह के भीतर किसानों को बीमा की बकाया राशि का भुगतान करने का आदेश दिया।

पीठ ने कहा,

"याचिकाकर्ता ग़रीब किसान हैं और बीमा राशि का भुगतान नहीं होने की वजह से नाराज़ हैं…उन्हें उनकी राशि इस वजह से देने से इंकार नहीं किया जा सकता क्योंकि बीमा कंपनी, सरकार और सहकारी बैंकों के बीच विवाद चल रहा है। इसलिए हम बीमा कंपनी को निर्देश देते हैं कि वह किसानों को आज से चार सप्ताह के भीतर बकाया बीमा राशि का भुगतान कर दें।

कोर्ट ने बीमा कंपनी को कहा है कि चार सप्ताह बीत जाने के बाद वह इस आदेश के अनुपालन के बारे में दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करे। इस मामले की अगली सुनवाई अब 16 सितम्बर 2020 को होगी।

आदेश की कॉपी डाउनलोड करें



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