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उड़ीसा हाईकोर्ट में लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 5 हज़ार से अधिक मुक़दमों का निपटारा किया

LiveLaw News Network
6 Jun 2020 11:59 AM GMT
उड़ीसा हाईकोर्ट में लॉकडाउन के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 5 हज़ार से अधिक मुक़दमों का निपटारा किया
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COVID-19 लॉकडाउन के दौरान देश भर की अदालतों के डिजिटल होने के दो महीने से अधिक समय बाद, उड़ीसा उच्च न्यायालय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 5000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है।

23 मार्च से, उच्च न्यायालय ने अपने सामान्य कामकाज को सीमित बेंच और सीमित स्टाफ तक प्रतिबंधित कर दिया था और इस दौरान वर्चुअल सुनवाई पर ज़ोर दिया।

अदालत के 3 जून तक उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, हाईकोर्ट ने लॉकडाउन के दौरान 27 डिवीजन बेंच और 136 सिंगल बेंच से काम किया और मुकदमों की वर्चुअल सुनवाई की।

कोर्ट की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है,

"कुल 10991 मामलों को सूचीबद्ध किया गया और 5335 मामले बेंच द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तय किए गए।"

उड़ीसा हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मोहम्मद रफीक ने 26 अप्रैल को लॉकडाउन के दौरान पदभार ग्रहण किया था।

वर्तमान में हाईकोर्ट वैकल्पिक दिन (मंगलवार और गुरुवार) पर एक डिवीजन बेंच के साथ काम कर रहा है और प्रत्येक कार्य दिवस में 7 एकल बेंच हैं।

वकीलों और वादियों, जिन्हें शारीरिक रूप से और साथ ही मेल के माध्यम से मामले दर्ज करने की सुविधा दी गई है, उन्हें घरों और कार्यालयों से पेश होने की अनुमति दी गई है।

अदालत परिसर में वकीलों का जमावड़ा को रोकने के लिए, देशव्यापी लॉकडाउन के आलोक में, भारत के मुख्य न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत सहित सभी अदालतों को वर्चुअल माध्यम से न्यायिक कार्य करने के लिए कहा था।

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