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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 के मद्देनजर अधिवक्ताओं एवं अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों के लिए ड्रेस कोड में दी ढील

LiveLaw News Network
15 May 2020 2:21 PM GMT
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने COVID-19 के मद्देनजर अधिवक्ताओं एवं अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों के लिए ड्रेस कोड में दी ढील
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कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए, एक एहतियाती उपाय के तौर पर, शुक्रवार (15-मई-2020) को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने वर्चुअल कोर्ट प्रणाली के माध्यम से अधीनस्थ अदालतों एवं हाईकोर्ट के समक्ष उपस्थित होने अधिवक्ताओं एवं अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों के लिए सुनवाई के दौरान ड्रेस कोड में ढील दी है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किये सर्कुलर में अधीनस्थ अदालतों में न्यायाधीशों को सुनवाई के दौरान एवं वकीलों को उच्च न्यायालय और अधीनस्थ अदालतों में वर्चुअल कोर्ट सिस्टम के माध्यम से पेश होने के दौरान, कोट/गाउन पहनने से छूट दे दी गयी है।

इससे पहले, चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया, एस. ए. बोबडे ने बुधवार (13-मई-2020) को एक सुनवाई के दौरान यह कहा था कि जल्द ही सुप्रीम कोर्ट से निर्देश जारी किए जाएंगे कि वे ड्रेस कोड से गाउन और रोब को हटाएं।

इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट द्वारा बुधवार को ही एक सर्कुलर जारी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल द्वारा जारी एक सर्कुलर के माध्यम से यह सूचित किया गया कि,

"सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष वर्चुअल कोर्ट सिस्टम के माध्यम से तब तक, जब तक मेडिकल परिस्तिथियाँ मौजूद हैं, या अगले आदेशों तक सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सादा सफ़ेद शर्ट / सफेद-सलवार-कमीज / सफेद साड़ी, सादा सफेद बैंड के साथ पहन सकते हैं।"

गौरतलब है कि, कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में इस परिपत्र के जरिये सुप्रीम कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बेंच के समक्ष पेश होने वाले अधिवक्ताओं के सामने आने वाले ड्रेस कोड में प्रभावी रूप से ढील दी थी।

अब इसी क्रम में, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी किये सर्कुलर में अधीनस्थ अदालतों के न्यायाधीशों को सम्मिलित करते हुए यह कहा गया है कि,

"मौजूदा स्थिति के तहत कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए, मेडिकल सलाह पर विचार करते हुए, मुख्य न्यायाधीश यह निर्देश दे रहे हैं कि, अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायाधीशों एवं वकीलों द्वारा, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान एवं अधीनस्थ अदालतों के समक्ष वर्चुअल कोर्ट सिस्टम के जरिये पेश होने के दौरान, सादा सफ़ेद/काला पैंट एवं सफेद शर्ट [पुरुष अधिवक्ताओं/न्यायाधीशों के लिए] एवं सफेद सलवार-कमीज/सफेद साड़ी-ब्लाउज [महिला अधिवक्ताओं/न्यायाधीशों के लिए] के साथ सादा बैंड पहना जा सकता है."

सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि यह ड्रेस कोड, लॉकडाउन पीरियड तक के लिए है और यह निर्देश, तत्काल रूप से प्रभाव में आ जायेंगे।

बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया का सर्कुलर

गौरतलब है कि इससे पहले, काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने गुरुवार (14-मई-2020) को एक प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए यह दोहराया है कि पूरे देश में अधिवक्ताओं के लिए यह आदेश समान है। पूरे देश में अधिवक्ताओं को गाउन और रॉब्स पहनने से ड्रेस कोड में छूट रहेगी।

सर्कुलर में कहा गया कि, "देश के सभी अधिवक्ताओं की जानकारी के लिए यह अधिसूचित किया गया है (बार काउंसिल ऑफ इंडिया रेजोल्यूशन दिनांक 13.05.2020), कि मेडिकल सलाह और माननीय सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा जारी किए ।


आदेश की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



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