देश के न्यायिक इतिहास में नया अध्याय: पहली बार एक साथ चार महिलाएं बनीं हाईकोर्ट्स की चीफ जस्टिस

Amir Ahmad

6 Jun 2026 10:08 AM IST

  • देश के न्यायिक इतिहास में नया अध्याय: पहली बार एक साथ चार महिलाएं बनीं हाईकोर्ट्स की चीफ जस्टिस

    देश की न्यायपालिका में महिला प्रतिनिधित्व को लेकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई। पहली बार भारत में एक साथ चार महिला हाईकोर्ट चीफ जस्टिस कार्यरत हैं। इसे उच्च न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

    सिक्किम हाईकोर्ट की जस्टिस मीनाक्षी मदन राय को पटना हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किए जाने के साथ यह उपलब्धि दर्ज हुई।

    वर्तमान में देश की चार महिला हाईकोर्ट चीफ जस्टिस हैं— पटना हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस मीनाक्षी मदन राय, गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, मेघालय हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस लिसा गिल।

    जस्टिस सुनीता अग्रवाल मूल रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट से हैं। वह 23 जुलाई 2023 से गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हैं। वहीं बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस रेवती मोहिते डेरे को 10 जनवरी 2026 को मेघालय हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया था।

    पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से आने वाली जस्टिस लिसा गिल ने 25 अप्रैल 2026 को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस का पद संभाला था।

    संसद में इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार फरवरी, 2026 तक देश के विभिन्न हाइकोर्टों में कार्यरत 781 जजों में से 116 महिलाएं थीं। यह कुल कार्यरत जजों का लगभग 14.85 प्रतिशत है।

    इससे पहले देश में एक समय में अधिकतम तीन स्थायी महिला चीफ जस्टिस ही कार्यरत रही थीं। वर्ष 2018 में चार महिलाओं ने हाइकोर्टों का नेतृत्व किया था लेकिन उनमें से एक एक्टिंग चीफ जस्टिस थीं। उस समय जस्टिस इंदिरा बनर्जी मद्रास हाईकोर्ट, जस्टिस मंजुला चेल्लूर बॉम्बे हाईकोर्ट और जस्टिस जी. रोहिणी दिल्ली हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस थीं, जबकि जस्टिस निशिता निर्मल म्हात्रे कलकत्ता हाईकोर्ट की एक्टिंग चीफ जस्टिस के रूप में कार्यरत थीं।

    चार महिला चीफ जस्टिस का एक साथ पद पर होना भारतीय न्यायपालिका में लैंगिक संतुलन और महिला नेतृत्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

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