अंतरिम राहत से इनकार के बाद अनिल अंबानी ने मीडिया के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस लिया
Amir Ahmad
3 Jan 2026 12:56 PM IST

रिलायंस समूह के चेयरमैन और उद्योगपति अनिल अंबानी ने कथित मानहानिकारक रिपोर्टिंग को लेकर मीडिया संस्थानों के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में दायर अपना दीवानी वाद वापस ले लिया।
यह मुकदमा उन रिपोर्टों के संबंध में दायर किया गया था, जिनमें उनकी कंपनियों पर 41,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले के आरोप लगाए गए थे।
कड़कड़डूमा अदालत के सीनियर सिविल जज विवेक बेनीवाल ने अनिल अंबानी की ओर से दायर वाद को वापस लेने की अनुमति दी साथ ही उन्हें उसी कारण पर नया मुकदमा दायर करने की स्वतंत्रता भी प्रदान की।
अदालत ने यह आदेश 10 दिसंबर, 2025 को पारित किया।
अंबानी के वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें मुवक्किल से मुकदमा वापस लेने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। साथ ही भविष्य में उसी आधार पर नया वाद दायर करने की अनुमति भी मांगी गई है।
इस पर अदालत ने कहा कि अधिवक्ता का बयान अलग से दर्ज कर लिया गया। इसके परिणामस्वरूप वाद को वापस लिया गया मानते हुए निस्तारित किया जाता है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब इससे पहले 17 नवंबर, 2025 को अदालत ने मीडिया संस्थानों के खिलाफ दायर अंतरिम निषेधाज्ञा (एकपक्षीय राहत) की अंबानी की अर्जी खारिज कर दी थी।
अदालत का कहना था कि किसी भी प्रकार का रोक लगाने वाला आदेश पारित करने से पहले प्रतिवादी पक्ष को सुनना आवश्यक है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि प्रतिवादियों को सुने बिना यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि संबंधित प्रकाशन या कथन अप्रमाणित, असत्य, दुर्भावनापूर्ण या गैर-जिम्मेदाराना हैं।
जब तक दोनों पक्षों को सुनकर तथ्यों की प्रारंभिक जांच न कर ली जाए और कथित सामग्री की मानहानिकारक प्रकृति पर कोई प्राथमिक राय न बन जाए, तब तक उसे सार्वजनिक मंच से हटाने का निर्देश देना जल्दबाजी होगी। ऐसा करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के अंतर्गत प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में अनुचित हस्तक्षेप होगा।
इस वाद में जिन प्रतिवादियों को नामित किया गया, उनमें कोबरापोस्ट, लाइव मीडिया एंड पब्लिशर्स प्राइवेट लिमिटेड, बेनेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड तथा अज्ञात इकाइयों के रूप में 'जॉन डो' शामिल थे।

