कासगंज कस्टोडियल डेथ- "अगर कल तक हलफनामा दायर नहीं किया गया तो भारी कीमत चुकानी पड़ेगी": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाई
LiveLaw News Network
2 Feb 2022 3:51 PM IST

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कासगंज कस्टोडियल डेथ मामले में सुनवाई करते हुए कासगंज के एसपी से कहा कि अगर कल तक हलफनामा दायर नहीं किया गया तो भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए चांद मियां (पीड़ित के पिता) द्वारा याचिका दायर की गई थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया कि अल्ताफ ने खुद को दो से तीन फीट पाइप से बांधकर आत्महत्या कर ली थी।
न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने राज्य से पूछा कि इस मामले में आज तक हलफनामा क्यों नहीं दायर किया गया, जबकि सुनवाई की आखिरी तारीख को अदालत को बताया गया था कि हलफनामा तैयार हो गया है और जल्द ही दायर किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि कासगंज हिरासत में मौत के पीड़ित अल्ताफ के पिता की ओर से दायर याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 23 दिसंबर 2021 को गुरुवार को कासगंज के पुलिस अधीक्षक से दस दिन के भीतर जवाब मांगा था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीड़िता के पिता द्वारा सीबीआई जांच और अल्ताफ के शरीर की एक और पोस्टमार्टम की मांग वाली याचिका पर टिप्पणी की,
"अगर कल तक एसपी का हलफनामा दायर नहीं किया जाता है, तो हम अनिवार्य रूप से भारी जुर्माना लगाएंगे क्योंकि यह मामला हिरासत में मौत से संबंधित है।":
पूरा मामला
अल्ताफ नौ नवंबर को पुलिस स्टेशन में मृत पाया गया था। पुलिस ने दावा किया कि उसने अपने जैकेट के हुड से एक शौचालय में पानी के पाइप से लटकर खुद को फांसी लगा ली। उक्त पाइप जमीन से दो फीट की ऊंचाई पर था।
उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक नाबालिग लड़की के "गायब" होने के आरोप में 22 वर्षीय अल्ताफ को यूपी पुलिस ने हिरासत में लिया था। हालांकि, लड़की को बाद में कासगंज रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया गया था।
अल्ताफ की मौत के मामले में कासगंज थाने में अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। यूपी के पुलिस अधिकारियों ने कहा कि हिरासत में हुई मौत की विभागीय जांच और मजिस्ट्रेट जांच एक साथ की जा रही है।
मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए अदालत के समक्ष चंद मियां (पीड़ित के पिता) ने तत्काल याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता ने वैकल्पिक रूप से मामले की जांच के लिए कोर्ट मॉनिटरिंग स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के गठन के लिए निर्देश देने की मांग की।
साथ ही इस मामले में शामिल रहे सभी संबंधित पुलिस अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
याचिकाकर्ता ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की भी मांग की है।
याचिकाकर्ता/चांद मियां की ओर से एडवोकेट अली कंबर जैदी, एडवोकेट मोहम्मद दानिश और एडवोकेट कुमैल हैदर पेश हुए।
केस का शीर्षक - चांद मियां बनाम यूपी राज्य एंड 5 अन्य

