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केंद्र सरकार ने दिल्ली हिंसा की रिपोर्टिंग में नियमों के उल्लंघन पर मीडिया वन और एशियानेट न्यूज़ टीवी के प्रसारण पर रोक लगाई

LiveLaw News Network
7 March 2020 3:29 AM GMT
केंद्र सरकार  ने दिल्ली हिंसा की रिपोर्टिंग में नियमों के उल्लंघन पर मीडिया वन और एशियानेट न्यूज़ टीवी के प्रसारण पर रोक लगाई
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केंद्र सरकार ने दिल्ली के उत्तर पूर्वी जिलों में दंगों के दौरान "गैर-जिम्मेदार रिपोर्टिंग" के लिए मीडिया वन टीवी और एशियानेट न्यूज़ टीवी समाचार चैनलों पर पूरे भारत में किसी भी प्लेटफॉर्म पर प्रसारण पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी है।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 25 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के संबंध में इन दो चैनलों द्वारा प्रसारित की गई रिपोर्टों को इस तरीके से दिखाया गया था, जिसमें पूजा स्थलों पर हमला होना बताया गया था और एक विशेष समुदाय का पक्ष लिया था ।

यह कहा गया कि 25 फरवरी को मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी के स्पष्ट उल्लंघन में चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के प्रोग्राम कोड का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई थी।

मीडिया वन के खिलाफ दिए गए आदेश में कहा गया कि चैनल की रिपोर्टिंग "पक्षपातपूर्ण" लग रही थी क्योंकि यह "जानबूझकर सीएए [नागरिकता संशोधन अधिनियम] समर्थकों की बर्बरता पर केंद्रित था।" आदेश में कहा गया है, "यह चैनल आरएसएस पर भी सवाल उठाता है और दिल्ली पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाता है।" "चैनल दिल्ली पुलिस और आरएसएस के प्रति आलोचनात्मक प्रतीत हो रहा है।"

कार्यक्रम के दौरान एंकर / संवाददाता द्वारा की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए सरकार ने कहा,

"इस तरह के प्रसारण से हिंसा भड़क सकती है और कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने में खतरा पैदा हो सकता है। खासकर जब स्थिति पहले से ही अत्यधिक अस्थिर है और हत्याओं और रक्तपात की रिपोर्ट के साथ क्षेत्र में दंगे होने का आरोप लगाया गया है ..."

मंत्रालय ने 28 फरवरी को दोनों चैनलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, उनसे पूछा था कि अपलिंकिंग / डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई, अनुमति की शर्तों और केबल अधिनियम की धारा 20 के प्रावधानों के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए।

3 मार्च, मंगलवार को चैनलों से प्राप्त जवाब से असंतुष्ट होकर सरकार ने शुक्रवार शाम निषेध आदेश जारी किए जिसमें कहा,

"इस तरह की महत्वपूर्ण घटना की रिपोर्टिंग करते समय, चैनलों (एशियानेट न्यूज़ टीवी और मीडिया वन टीवी) को अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए थी और इसे संतुलित तरीके से रिपोटिंग करनी चाहिए थी। इस तरह की रिपोर्टिंग से देश भर में सांप्रदायिक विद्वेष बढ़ सकता है, जब स्थिति अत्यधिक अस्थिर हो।

मंत्रालय ने सभी समाचार चैनलों को नियमों के प्रावधानों का पालन करने के लिए समय-समय पर सलाह जारी की है। ऐसी घटनाओं के आधार पर समाचार की रिपोर्टिंग करते समय सावधानी और जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि चैनल ने कोड कार्यक्रम का पालन नहीं किया है और गैरजिम्मेदारी दिखाई गई है। मंत्रालय इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि एशियानेट न्यूज़ टीवी और मीडिया वन टीवी चैनल ने केबल के तहत निर्धारित प्रोग्राम कोड के नियम 6 (1) (सी) और (ई) का और टेलीविज़न नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 और उत्तर पूर्वी दिल्ली हिंसा के संबंध में टेलीकास्टिंग द्वारा बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया है। "

निषेध 6 मार्च, 2020 शाम 7.30 बजे से लागू किया गया और यह 8 मार्च, 2020 को शाम 7.30 बजे तक प्रभावी होगा।


आदेश पढ़िए



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