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गोबर डम्पिंग- प्रदर्शनकारी दूसरों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकते: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भाजपा नेता को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया

LiveLaw News Network
13 Jan 2021 8:06 AM GMT
गोबर डम्पिंग- प्रदर्शनकारी दूसरों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकते: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भाजपा नेता को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया
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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार (12 जनवरी) को पंजाब पुलिस को पंजाब के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता तीक्ष्ण सूद को पर्याप्त सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की खंडपीठ ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों को भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी देता है, ताकि वे बिना किसी हथियार के इकट्ठा हो सकें और शांतिपूर्वक विरोध करने के लिए स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ सकें।

महत्वपूर्ण रूप से, कोर्ट ने कहा,

"हालांकि, प्रदर्शनकारी दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकते हैं और किसी भी आपराधिक कृत्य में लिप्त नहीं हो सकते हैं, जो कानून के तहत दंडनीय अपराध है।"

न्यायालय के समक्ष मामला

अदालत के समक्ष याचिकाकर्ता भाजपा के वरिष्ठ नेता तीक्ष्ण सूद थे जिन्हें दो बार कैबिनेट मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया है और वर्तमान में वह पंजाब भाजपा कोर समिति के सदस्य हैं।

उन्होंने अदालत से यह निर्देश मांगे कि उनके साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के लिए खतरे की धारणा का आकलन किया जाए और उनके जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा की जा सके और याचिकाकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों को चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान की जा सके।

उन्होंने अदालत के सामने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रदर्शन करने वाले किसानों की भावनाओं को आहत करने के लिए कोई बयान नहीं दिया, लेकिन राजनीतिक विरोधियों ने उनके बयान को तोड़ -मरोड़ कर पेश किया कि किसान पिकनिक के लिए दिल्ली जा रहे थे।

उन्होंने आगे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि उन्हे यह धमकी दी जा रही है कि वे किसान आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि 01 जनवरी 2021 को, रणवीर सिंह खालसा 10-15 अन्य व्यक्तियों के साथ, जो डंडों से लैस थे, ट्रैक्टर-ट्रॉली में आए, अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, याचिकाकर्ता और उनके नौकरों को धमकाया, और जबरन उनके घर में प्रवेश किया और गोबर से लदी ट्रॉली को उनके घर के गेट पर अनलोड किया।

अंत में, उन्होंने दावा किया कि याचिकाकर्ता को असामाजिक तत्वों द्वारा धमकियां दी जा रही हैं, साथ ही उनके परिवार के सदस्यों सहित उनकी पत्नी, जो वर्तमान में नगर पार्षद हैं और नगर पार्षद पद के लिए चुनाव भी लड़ रही हैं, उनको भी धमकियाँ मिल रही हैं।

कोर्ट का आदेश

कोर्ट ने नोट किया,

"राज्य, प्रत्येक व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा के लिए संवैधानिक जनादेश के तहत है"

इसके अलावा, अदालत ने पंजाब पुलिस को आदेश दिया कि वह सूद और उनके परिवार के लिए खतरे की धारणा का आकलन करे और याचिकाकर्ता और उनके परिवार के सदस्यों की जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए।

इस प्रयोजन के लिए, न्यायालय ने राज्य को पीएसओ प्रदान करने का निर्देश दिया, जो याचिकाकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के घर से बाहर जाने के दौरान उनकी रक्षा करेंगे।

न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि पर्याप्त संख्या में सशस्त्र पुलिस अधिकारियों को याचिकाकर्ता के घर के बाहर स्टेटिक गार्ड के सदस्यों के रूप में प्रतिनियुक्ति के साथ हथियारों और संचार उपकरणों की आवश्यक संख्या के साथ प्रतिनियुक्त किया जाए।

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