अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम के राज्यपाल पद की शपथ लेने का सिक्किम बार एसोसिएशन ने किया विरोध, राष्ट्रपति से नियुक्ति रोकने की अपील

  • अंकिता भंडारी हत्याकांड: दुष्यंत गौतम के राज्यपाल पद की शपथ लेने का सिक्किम बार एसोसिएशन ने किया विरोध, राष्ट्रपति से नियुक्ति रोकने की अपील

    सिक्किम बार एसोसिएशन (हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतें) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राज्यपाल-नामित दुष्यंत कुमार गौतम के शपथ ग्रहण समारोह को स्थगित करने और 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद का समाधान होने तक उनकी नियुक्ति के वारंट को लंबित रखने की अपील की। हालांकि, गौतम ने सोमवार को सिक्किम के 21वें राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली। सिक्किम हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।

    राष्ट्रपति को भेजे गए तत्काल प्रतिवेदन में बार एसोसिएशन ने मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। एसोसिएशन का कहना था कि विवाद का समाधान हुए बिना नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने से सिक्किम के लोगों के बीच आशंका और असंतोष पैदा हुआ।

    एसोसिएशन ने कहा कि सिक्किम अपनी शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है। उसने चिंता जताई कि अनसुलझे विवाद के साये में नियुक्ति आगे बढ़ने से राज्य की गरिमा और संस्थागत प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

    बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह दुष्यंत गौतम के खिलाफ कोई सीधा व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहा है और न ही उनकी दोषसिद्धि या निर्दोषता को लेकर कोई निष्कर्ष दे रहा है, क्योंकि यह विषय न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में आता है। हालांकि, एसोसिएशन के मुताबिक, 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड के संबंध में सार्वजनिक विवाद और जांच की मांगों के बीच गौतम का नाम बार-बार सामने आया है।

    प्रतिवेदन में कहा गया कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता की मांग है कि उच्च संवैधानिक पदों पर नियुक्त व्यक्ति नागरिकों की नजर में विवादों से मुक्त हों। एसोसिएशन ने संविधान के अनुच्छेद 361 का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल के पद की शपथ लेते ही उन्हें अपने कार्यकाल के दौरान आपराधिक कार्यवाही, समन और जांच से संवैधानिक संरक्षण प्राप्त हो जाता है। उसके अनुसार, विवाद का समाधान हुए बिना शपथ ग्रहण होने से पारदर्शिता प्रभावित होने और राजभवन की निष्पक्षता में जनता का भरोसा कमजोर पड़ने की आशंका पैदा होती है।

    एसोसिएशन ने राष्ट्रपति से सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को तत्काल स्थगित करने और सक्षम जांच एजेंसियों की ओर से विवाद का समाधान किए जाने तथा गौतम का नाम स्पष्ट रूप से आरोपों से मुक्त होने तक उनकी नियुक्ति के वारंट को लंबित रखने का निर्देश देने की अपील की थी। हालांकि, इन मांगों के बावजूद गौतम ने राज्यपाल पद की शपथ ले ली।


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