आय से अधिक संपत्ति मामले में केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक दोषी करार, 5 साल की सजा और 63 लाख जुर्माना
Amir Ahmad
1 Jan 2026 3:44 PM IST

अहमदाबाद स्थित CBI की स्पेशल कोर्ट ने 29 दिसंबर 2025 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर विभाग के एक निरीक्षक को आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कठोर कारावास और 63 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने इस मामले में आरोपी की पत्नी को भी अपराध में सहयोग (उकसावे) का दोषी मानते हुए एक वर्ष के कारावास और 50,000 के जुर्माने से दंडित किया।
दोषी अधिकारी पहले कांडला विशेष आर्थिक क्षेत्र (KASEZ) में अप्रेज़र/प्रिवेंटिव ऑफिसर के पद पर तैनात था। इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा की गई, जिसने 30 सितंबर 2013 को मामला दर्ज किया।
CBI के अनुसार आरोपी ने एक लोक सेवक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अपनी ज्ञात वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। प्रारंभिक जांच अवधि 1 सितंबर, 2008 से 31 मार्च, 2013 के बीच की थी, जिसमें आरोपी के पास 19,86,661 की अनुपातहीन संपत्ति पाई गई, जो उसकी ज्ञात आय से लगभग 130 प्रतिशत अधिक थी। बाद में जांच अवधि का विस्तार करते हुए इसे 1 अप्रैल, 2004 से 20 मार्च, 2013 तक कर दिया गया।
जांच पूरी होने के बाद CBI ने 3 सितंबर, 2014 को आरोप पत्र दाखिल किया। आरोप पत्र में कहा गया कि संशोधित जांच अवधि के दौरान आरोपी ने 57,60,729.15 की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की जो उसकी ज्ञात आय से 183.57 प्रतिशत अधिक थी।
अभियोजन पक्ष का यह भी आरोप था कि आरोपी की पत्नी ने जानबूझकर इस अनुपातहीन संपत्ति को अर्जित करने और उसे अपने पास रखने में सहयोग किया, जिससे वह अपराध की सहभागी बनी।
अहमदाबाद की CBI कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष के साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन ने आरोपों को संदेह से परे सिद्ध कर दिया। इसके बाद अदालत ने केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक को पांच साल के कठोर कारावास और 63 लाख जुर्माने की सजा सुनाई, जबकि उसकी पत्नी को उकसावे के अपराध में एक साल के कारावास और 50,000 के जुर्माने से दंडित किया गया।

