बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति

Amir Ahmad

3 Feb 2026 12:53 PM IST

  • बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड वेब सीरीज पर मानहानि मामला: समीर वानखेड़े को मुंबई कोर्ट जाने की अनुमति

    दिल्ली हाइकोर्ट ने मंगलवार को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े को नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज बा*ड्स ऑफ बॉलीवुड में उनके कथित मानहानिकारक चित्रण को लेकर मुंबई की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट दिनडोशी में मुकदमा दायर करने की अनुमति दी।

    जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने वानखेड़े की उस अर्जी को मंजूरी दी, जिसमें उन्होंने हाल ही में दिए गए आदेश के तहत सक्षम अदालत से संपर्क करने की अनुमति मांगी थी।

    इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने क्षेत्राधिकार के अभाव में वानखेड़े की मानहानि याचिका सुनने से इनकार करते हुए वाद पत्र वापस कर दिया था।

    गौरतलब है कि 29 जनवरी को दिए गए फैसले में हाइकोर्ट ने वानखेड़े को आदेश 7 नियम 10ए सीपीसी के तहत उचित आवेदन दायर करने की छूट दी थी।

    वानखेड़े की ओर से पेश वकील कुणाल वत्स ने कोर्ट को बताया कि आईआरएस अधिकारी अब यह वाद मुंबई की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट, दिनडोशी में दायर करना चाहते हैं।

    वहीं प्रतिवादियों की ओर से पेश वकीलों जिनमें रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स शामिल हैं, ने इस आवेदन पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

    इस पर कोर्ट ने आदेश दिया,

    “उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए आवेदन स्वीकार किया जाता है। पक्षकार 12 फरवरी को सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट, दिनडोशी, मुंबई में उपस्थित हों, जिस दिन वादी (समीर वानखेड़े) वाद पत्र प्रस्तुत करना चाहते हैं।”

    हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आज का आदेश ही प्रतिवादियों के लिए समन माना जाएगा और मुंबई कोर्ट द्वारा अलग से कोई नोटिस जारी नहीं किया जाएगा।

    इससे पहले वानखेड़े की याचिका खारिज करते हुए जस्टिस कौरव ने कहा था कि दिल्ली हाइकोर्ट को इस मामले की सुनवाई का क्षेत्राधिकार प्राप्त नहीं है।

    साथ ही यह भी कहा गया था कि ऑनलाइन मानहानि से जुड़े मामलों में वही अदालत सक्षम होती है, जिसके क्षेत्र में प्रतिवादी स्थित हों या जहां कथित रूप से प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा हो।

    वानखेड़े ने अपनी याचिका में प्रोडक्शन हाउस और अन्य के खिलाफ स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग की थी। उनका आरोप था कि वेब सीरीज में दिखाया गया वीडियो झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक है।

    वानखेड़े का यह भी कहना था कि यह सीरीज जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से बनाई गई। खासकर तब जब उनसे और आर्यन खान से जुड़ा मामला बॉम्बे हाइकोर्ट और एनडीपीएस की विशेष अदालत में लंबित है।

    याचिका में यह आरोप भी लगाया गया कि सीरीज में एक पात्र को सत्यमेव जयते का नारा लगाने के बाद अश्लील इशारा करते हुए विशेष रूप से बीच की उंगली दिखाते हुए दर्शाया गया, जो उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है।

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