वकील ने अपने फोन, इंटरनेट डिवाइस पर ससुराल वालों की निगरानी का आरोप लगाया, दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया

LiveLaw News Network

26 Sept 2021 12:05 PM IST

  • दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट

    दिल्ली हाईकोर्ट ने एक वकील द्वारा दायर एक याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसके ससुराल वालों के कहने पर उसके मोबाइल फोन और इंटरनेट डिवाइस को निगरानी में रखा गया और जिन्हें सरकार की वैध अनुमति के बिना इंटरसेप्ट किया जा रहा था।

    न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने केंद्र, पुलिस आयुक्त और एमटीएनएल से 16 दिसंबर, 2021 तक जवाब मांगा।

    याचिका में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को उनके द्वारा की गई शिकायतों के अनुसार जांच करने और कानून के अनुसार मामले में मुकदमा चलाने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का यह मामला है कि मामले में विवरण मांगने के लिए एक आरटीआई दाखिल करने के बावजूद, कोई पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं मिली।

    एमटीएनएल के संबंध में आरटीआई में उल्लिखित विवरण या जानकारी उपलब्ध नहीं करवाने के लिए एमटीएनएल पर जुर्मना लगाने के लिए भी निर्देश देने की मांग की गई।

    याचिका में पुलिस आयुक्त को लागू कानून के अनुसार कदम उठाने के लिए निर्देश देने की भी मांग की गई है ताकि आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ उनकी शिकायतों के अनुसार उचित जांच और मुकदमा चलाया जा सके और उन्हें दंडित किया जा सके।

    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी व्यक्तियों ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत निहित निजता के उसके मौलिक अधिकार का उल्लंघन किया है। यह भी कहा गया कि अभियुक्तों ने "याचिकाकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के आंतरिक जीवन और घरेलू मामले, वैवाहिक विवाद में बदला लेने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया।

    अदालत ने कहा,

    "इस स्थिति में इस स्तर पर, उत्तरदाताओं नंबर 1, 3 और 4 को केवल सभी मोड/ईमेल/व्हाट्सएप के माध्यम से 16.12.2021 तक जवाब देने के लिए नोटिस जारी करें।"

    शीर्षक: सुनील कुमार (एडवोकेट) बनाम भारत संघ और अन्य।

    आदेश पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




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