दिल्ली कोर्ट का पुलिस को निर्देश: कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम को गिरफ्तार करने से पहले 7 दिन का नोटिस दें
Amir Ahmad
5 Nov 2026 12:43 PM IST

दिल्ली कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे यौन उत्पीड़न के एक मामले में कांग्रेस सांसद और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न करें। अदालत ने कहा कि अगर उनकी गिरफ्तारी जरूरी होती है तो उन्हें सात दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए।
राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज दिगविनय सिंह ने अकोइजम की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
अदालत ने गौर किया कि अकोइजम का पिछला रिकॉर्ड साफ है और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। अदालत ने यह भी कहा कि जांच अभी चल रही है और पीड़ितों के बयान दर्ज होने बाकी हैं।
जज ने कहा कि अगर जांच के दौरान अकोइजम सहयोग नहीं करते हैं तो दिल्ली पुलिस उचित निर्देशों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है।
यह आदेश तब आया है, जब JNU के कुछ छात्रों ने अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। अकोइजम विश्वविद्यालय के 'स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज' के अंतर्गत 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' से जुड़े हुए।
मई में कम-से-कम 11 छात्राओं ने उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 के तहत अकोइजम के खिलाफ FIR दर्ज की।
इससे पहले इस हफ्ते, दिल्ली हाईकोर्ट ने अकोइजम की सेवाएं समाप्त करने के JNU के फैसले पर रोक लगाई थी। विश्वविद्यालय ने इन आरोपों की अपनी आंतरिक जांच के बाद उन्हें नौकरी से निकालने का फैसला लिया था।
जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने अकोइजम की याचिका पर विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई के लिए जनवरी 2027 की तारीख तय की।
अकोइजम ने इन आरोपों से इनकार किया।

