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Cut-off तिथि के बाद अगर कोई उम्मीदवार योग्यता हासिल करता है तो उसे योग्य नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

Rashid MA
24 Jan 2019 3:50 PM GMT
Cut-off तिथि के बाद अगर कोई उम्मीदवार योग्यता हासिल करता है तो उसे योग्य नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी उम्मीदवार की योग्यता का निर्धारण cut-off तिथि के दिन इसकी योग्यता के आधार पर की जानी चाहिए। अगर कोई उम्मीदवार आवश्यक योग्यता उस तिथि के बाद प्राप्त करता है तो उसे योग्य नहीं माना जाएगा।

न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति केएम जोसफ़ की पीठ ने हालाँकि ऐसे दो कर्मचारियों को राहत दी जिन्हें cut-off तिथि के बाद प्राप्त की गई योग्यता के बावजूद नियुक्ति दी गई थी और वे दो दशकों से नौकरी कर रहे थे।

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राकेश बक्षी और परविंदर सिंह की कनिष्ठ अभियंता के रूप में चयन को रद्द कर दिया था। खंडपीठ ने अपने फ़ैसले में कहा था कि इन लोगों ने निर्दिष्ट cut-off तिथि के बात ज़रूरी योग्यता अर्जित की थी और इसलिए इनको नियुक्ति के लिए योग्य क़रार नहीं दिया जा सकता।

राकेश और परविंदर ने आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि के बाद इस चयन के लिए आवश्यक योग्यता हासिल की थी लेकिन ऐसा उन्होंने इस चयन के लिए होने वाले इंटर्व्यू से पहले किया था। राकेश को इंटर्व्यू के लिए बुलाया गया पर परविंदर को इस सूची से हटा दिया गया। परिविंदर ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया और उसका भी अदालत के आदेश पर इंटर्व्यू लिया गया और दोनों को 1997 में नियुक्ति दी गई। इन लोगों की नियुक्ति को चुनौती दी गई पर इस याचिका को अदालत ने ख़ारिज कर दिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब उसे बहाल कर दिया है।

बाद में एक व्यक्ति हरविंदर सिंह ने ने 2008 में एक याचिका दायर कर इन नियुक्तियों को चुनौती दी। 2014 में खंडपीठ ने याचिका यह कहते हुए स्वीकार कर ली कि अपीलकर्ता की परीक्षा का परिणाम आवेदन दाख़िल करने के अंतिम दिन ही घोषित हुआ। राकेश और परविंदर ने सुप्रीम कोर्ट में खंडपीठ के फ़ैसले की काफ़ी आलोचना की।

कोर्ट ने ग़ौर किया कि पिछले लगभग दो दशकों से जिन्हें नियुक्ति मिली वे तो नौकरी कर रहे हैं जबकि हरविंदर सिंह की अभी भी नियुक्ति नहीं हुई है।

पीठ ने कहा, "हम अपीलकर्ताओं को दो दशक की नौकरी के बाद राहत देकर नौकरी से हटाए जाने के ख़िलाफ़ हैं। हम खंडपीठ के इस फ़ैसले के बारे में कोई संदेह नहीं व्यक्त कर रहे हैं कि किसी उम्मीदवार की योग्यता cut-off तिथि के दिन उसकी योग्यता के आधार अपर निर्धारित की जानी चाहिए और जिन लोगों ने इस तिथि के बाद योग्यता हासिल की है उन्हें नियुक्ति के योग्य नहीं माना जाए।"

यह कहते हुए पीठ ने अपील स्वीकार कर ली।


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