Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

ट्रायल कोर्ट के जज अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई संंचालित करेंं : दिल्ली हाईकोर्ट ने सिफारिश की

LiveLaw News Network
15 Jun 2020 4:24 PM GMT
ट्रायल कोर्ट के जज अपने निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई संंचालित करेंं : दिल्ली हाईकोर्ट ने सिफारिश की
x

दिल्ली हाईकोर्ट ने अधीनस्थ न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों को अपने आवासों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अर्जेंट मामलों की सुनवाई जारी रखने की सिफारिश की है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रेडेड एक्शन प्लान की तैयारी के लिए अपनी समिति के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों को केवल तभी अदालत में आने की सिफारिश की है, जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी बुनियादी ढांचा उनके निवास पर न हो।

सुनवाई करने के मामले में समिति ने आगे सिफारिश की है कि :

" जिला न्यायाधीश यह सुनिश्चित करेंगे कि न्यायिक अधिकारी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने और आवश्यक दस्तावेजों / अभिलेखों के प्रसारण के लिए न्यायिक अधिकारी की सुविधा के लिए हर अदालत के कम से कम एक अधिकारी / कर्मचारी सभी कार्य दिवसों में उपस्थित हों।

ऐसे अधिकारियों / कर्मचारियों के लिए रोस्टर सामाजिक दूरी और अदालत के परिसरों में कम भीड़ भा‌ड़ की तत्काल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।"

इसके अतिरिक्त, समिति ने अधीनस्थ न्यायालयों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा प्रदान करने के लिए निम्नलिखित सिफारिशें की हैं:

* CIS 2.0 के तहत मामलों की ई-फाइलिंग की सुविधा, जैसा कि पहले से ही पारिवारिक न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों के लिए उपलब्ध है, उन्हें अन्य सिविल अदालतों में विस्तारित किया जा सकता है ताकि वकीलों को नए मामलों को दायर करने में सक्षम बनाया जा सके, जो कि वीसी के माध्यम से संबंधित अदालतों द्वारा सुने जाएंगे।

* वीसी की सुनवाई के लिए लंबित मामले में किसी जरूरी आवेदन को स्थानांतरित करने के लिए भी उक्त सुविधा का उपयोग किया जा सकता है।

* यदि कोई अधिवक्ता/पक्षकार ई-फाइलिंग और वीसी की सुनवाई की सुविधा का लाभ नहीं उठाना चाहता है तो कार्रवाई के लिए सीमा की अवधि (यदि लागू हो) माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्वत: संज्ञान मामले (सिविल) नंबर 3 / 2020 शीर्षक In re: Cognizance For Extension of Limitation dated 23.03.2020, के अनुसार होगी, जिसमें सीमा की अवधि अगले आदेश तक बढ़ा दी गई है।

आदेश की प्रति डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें



Next Story