जंतर-मंतर छात्र प्रदर्शन पर बॉम्बे बार एसोसिएशन की चिंता, बल प्रयोग की निंदा; सरकार और छात्रों से सार्थक संवाद की अपील
Amir Ahmad
23 July 2026 12:57 PM IST

बॉम्बे बार एसोसिएशन (BBA) ने जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग पर गहरी चिंता जताते हुए इसकी निंदा की।
साथ ही एसोसिएशन ने प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग द्वारा सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की भी कड़ी आलोचना की।
BBA के अध्यक्ष सीनियर एडवोकेट नितिन ठक्कर की ओर से जारी बयान में कहा गया कि छात्रों ने देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए हैं, जिन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
एसोसिएशन ने कहा,
"वीडियो और समाचार रिपोर्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। यदि ये रिपोर्ट सही हैं, तो अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग बेहद चिंताजनक है और कानून के शासन वाले समाज में इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।"
BBA ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों से अपेक्षा की जाती है कि वे संयम, संतुलन और प्रत्येक नागरिक के संवैधानिक अधिकारों एवं गरिमा का सम्मान करते हुए कार्रवाई करें।
एसोसिएशन ने अपने बयान में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत प्रदत्त स्वतंत्रताओं का अभिन्न हिस्सा है। शांतिपूर्ण विरोध केवल संवैधानिक अधिकार ही नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता भी है।
हालांकि, BBA ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों के किसी भी वर्ग द्वारा हिंसा, तोड़फोड़ या सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं।
एसोसिएशन ने कहा,
"हिंसा का सहारा लेने से किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन की वैधता कमजोर होती है और इसे किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। संवैधानिक अधिकारों के प्रयोग के साथ शांतिपूर्ण और जिम्मेदार आचरण का दायित्व भी जुड़ा होता है।"
BBA ने बल प्रयोग और FIR दर्ज कर डराने-धमकाने जैसी कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई।
एसोसिएशन ने कहा कि छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य से जुड़े हैं तथा इनका व्यापक प्रभाव पड़ने वाला है। इसलिए इन विषयों का समाधान टकराव के बजाय सार्थक संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए।
बयान में कहा गया कि वर्तमान परिस्थितियों में छात्रों और सरकार के बीच रचनात्मक, सम्मानजनक और खुले संवाद की आवश्यकता है।BBA ने सभी पक्षों से संयम बरतने, कानून के शासन का सम्मान करने, हर प्रकार की हिंसा से दूर रहने और संविधान तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप सार्थक बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।


