NALSAR छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर माफी देर से आई, BCI चेयरमैन को इस्तीफा देना चाहिए: बॉम्बे बार एसोसिएशन

Amir Ahmad

19 Aug 2026 4:37 PM IST

  • NALSAR छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर माफी देर से आई, BCI चेयरमैन को इस्तीफा देना चाहिए: बॉम्बे बार एसोसिएशन

    बॉम्बे बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की ओर से NALSAR विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। एसोसिएशन ने कहा कि 15 अगस्त को आई उनकी माफी काफी देर से आई और इसे वास्तविक पश्चाताप नहीं माना जा सकता। एसोसिएशन के अनुसार अपने पद पर बने रहने के बजाय उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

    18 अगस्त को जारी पत्र में एसोसिएशन ने कहा कि 13 अगस्त को NALSAR के वर्ष 2026 के ग्रेजुएट छात्रों के खिलाफ जारी पत्र BCI के चेयरमैन के पद का दुरुपयोग था। एसोसिएशन के अनुसार छात्रों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना जारी किए गए इस पत्र से उनके पेशेवर भविष्य को गंभीर नुकसान पहुंच सकता था।

    बॉम्बे बार एसोसिएशन की स्थायी समिति की 17 और 18 अगस्त को बैठक हुई जिसमें 13 से 15 अगस्त के बीच सामने आए पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की गई।

    एसोसिएशन ने कहा कि छात्रों के खिलाफ शुरू की गई कार्यवाही को बाद में समाप्त करने का BCI का फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे BCI की संस्था में भरोसा बहाल करने में मदद मिली है।

    हालांकि, एसोसिएशन ने 13 अगस्त को जारी पत्र को पूरी तरह अनुचित बताते हुए कहा कि BCI के चेयरमैन का पद महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों वाला संवैधानिक और वैधानिक पद है। इस पद पर रहते हुए कानून के छात्रों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर था।

    एसोसिएशन ने कहा,

    “15 अगस्त की माफी को वास्तविक पश्चाताप की अभिव्यक्ति नहीं माना जा सकता, क्योंकि अपने आचरण के बावजूद वे अब भी चेयरमैन के पद पर बने हुए हैं, जबकि उचित स्थिति यह होती कि वे पहले ही इस्तीफा दे चुके होते।”

    एसोसिएशन ने मनन कुमार मिश्रा के आचरण पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने BCI के चेयरमैन के रूप में नालसार के वर्ष 2026 के विधि स्नातक छात्रों के खिलाफ ऐसे आदेश और निर्देश जारी किए, जो बार काउंसिल के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।

    क्या था पूरा मामला

    13 अगस्त को BCI चेयरमैन ने सभी राज्य बार काउंसिलों को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि हैदराबाद स्थित NALSAR विश्वविद्यालय से वर्ष 2026 में स्नातक करने वाले छात्रों का वकील के रूप में नामांकन न किया जाए।

    यह कार्रवाई उन खबरों के सामने आने के बाद हुई, जिनमें बताया गया कि नालसार के कुछ फाइनल ईयर्स के स्टूडेंट्स ने दिल्ली में NEET छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की टिप्पणियों के कारण उनके दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था।

    इस पत्र के बाद सीनियर एडवोकेट और बार के अन्य सदस्यों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। 14 अगस्त को BCI चेयरमैन ने देर रात सोशल मीडिया पर बयान जारी कर वर्ष 2026 में स्नातक करने वाले छात्रों के खिलाफ सभी कार्यवाही समाप्त करने की घोषणा की।

    इसके बाद NALSAR के छात्र बार परिषद ने भी BCI के पत्र की निंदा की और चेयरमैन से माफी की मांग की। छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि छात्रों की असहमति को समझने के बजाय उसे बाहरी लोगों के प्रभाव से जोड़ना संरक्षणवादी रवैया है और बीसीआई चेयरमैन का ऐसा आचरण उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

    15 अगस्त को मनन कुमार मिश्रा ने पत्र जारी कर माफी मांगी। अब बॉम्बे बार एसोसिएशन ने इस माफी को अपर्याप्त और देर से उठाया गया कदम बताया।

    इसी घटनाक्रम के बाद सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की गई, जिसमें BCI और राज्य बार काउंसिलों के शीर्ष पदों पर एक ही व्यक्तियों के लंबे समय तक बने रहने की अनुमति देने वाले प्रावधानों को चुनौती दी गई।

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