12 अकाउंट्स ब्लॉक करने का आदेश 'अत्यधिक' और असंतुलित: X ने केंद्र सरकार से की पुनर्विचार की मांग
Amir Ahmad
31 March 2026 4:11 PM IST

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) ने केंद्र सरकार से 12 यूजर्स अकाउंट्स ब्लॉक करने के आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की।
कंपनी ने सरकार के इस आदेश को असंगत और अनुपातहीन बताते हुए कहा कि यह कानून के अनुरूप नहीं है।
यह मामला उस याचिका से जुड़ा है, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।
जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव के समक्ष दायर हलफनामे में एक्स ने बताया कि उसने 19 मार्च को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को आपत्ति पत्र भेजा था।
कंपनी के अनुसार 18 मार्च को जारी ब्लॉकिंग आदेश सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के प्रावधानों का पालन नहीं करता।
एक्स ने कहा कि जिन अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया, उनमें से अधिकांश सामग्री धारा 69ए के तहत प्रतिबंधित श्रेणी में नहीं आती। इसलिए पूरे अकाउंट्स को बंद करना उचित नहीं है।
कंपनी ने अपने पत्र में कहा, “पूरे अकाउंट को ब्लॉक करना, विशेष पोस्ट को हटाने के बजाय, एक अत्यधिक कदम है और यह कानून के तहत अपेक्षित 'कम से कम हस्तक्षेप' के सिद्धांत का पालन नहीं करता।”
एक्स ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित यूजर्स को सुनवाई का कोई अवसर नहीं दिया गया और न ही यह दिखाया गया कि उनकी पहचान करने के लिए पर्याप्त प्रयास किए गए।
कंपनी का कहना है कि यदि कुछ पोस्ट आपत्तिजनक हैं, तो केवल उन्हीं पोस्ट को हटाना एक प्रभावी और संतुलित विकल्प हो सकता था बजाय पूरे अकाउंट को ब्लॉक करने के।
अपने पत्र में एक्स ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस आदेश को अदालत में चुनौती देने का अधिकार सुरक्षित रखता है, लेकिन फिलहाल केंद्र सरकार से कम से कम इन 12 अकाउंट्स के संबंध में पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
यह मामला अब दिल्ली हाइकोर्ट में विचाराधीन है, जहां आगे की सुनवाई में इस मुद्दे पर विस्तृत बहस होने की संभावना है।

