Top
Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को 16 वर्षीय लड़की की मौत के मामले में अदालत में पेश होने का निर्देश दिया

LiveLaw News Network
14 Sep 2021 2:16 PM GMT
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को 16 वर्षीय लड़की की मौत के मामले में अदालत में पेश होने का निर्देश दिया
x

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को मैनपुरी की एक 16 वर्षीय लड़की की मौत के मामले में बुधवार को अदालत के समक्ष उपस्थित रहने का निर्देश दिया। इस मामले में 16 वर्षीय लड़की 2019 में अपने स्कूल में फांसी पर लटकी पाई गई थी।

महत्वपूर्ण रूप से जबकि पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला है, दूसरी ओर उसकी मां ने आरोप लगाया था कि उसे परेशान किया गया, पीटा गया और मारपीट की गई और उसके बाद उसे फांसी पर लटका दिया गया। 24 अगस्त 2021 को न्यायालय के निर्देश के अनुसरण में एसआईटी के सदस्य केस डायरी लेकर न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए थे।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति अनिल कुमार ओझा की खंडपीठ ने कहा कि हालांकि घटना की एफआईआर दिनांक 16.9.2019 को 17.9.2019 को दर्ज की गई थी, आरोपी से पूछताछ तुरंत या उचित समय के भीतर नहीं की गई थी, बल्कि इसे लगभग तीन महीने बाद किया गया।

साथ ही कोर्ट में मौजूद जांच अधिकारी आरोपी से पूछताछ में हुई देरी के बारे में कुछ नहीं बता सके। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यह अंतराल आरोपी के खिलाफ गंभीर आरोपों के बावजूद हुआ।

पीठ को यह भी बताया गया कि मैनपुरी के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुशासनात्मक जांच का सामना कर रहे थे, जो उनकी सेवानिवृत्ति से पहले पूरी नहीं हुई थी।

अदालत ने कहा,

"यह जांच में की गई उनकी कमी के कारण है, जहां लड़की की योनि में वीर्य और अंडरगारमेंट में शुक्राणु दिखाते हुए रिपोर्ट आई थी।"

जब कोर्ट ने उस लड़की की तस्वीरें मांगीं, जिसे कोर्ट ने नोट किया, "पंचनामा" की तैयारी के समय ली जानी चाहिए थी, तो यह बताया गया कि वीडियो लेने के बावजूद तस्वीरें उपलब्ध नहीं थीं।

इस पर अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल को कोर्ट में वीडियो की प्रदर्शनी की व्यवस्था करने को कहा गया है।

इस प्रकार इस विचार के साथ कि एसआईटी टीम स्वतंत्र रूप से मामले की जांच नहीं कर सकती, अदालत ने डीजीपी को एसआईटी टीम के सदस्यों के साथ अपने सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया।

केस : महेंद्र प्रताप सिंह बनाम यू.पी. सचिव (गृह) और 2 अन्य के माध्यम से

आदेश डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें




Next Story