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दिल्ली हाईकोर्ट ने एकतरफ़ा अंतरिम आदेश में 60 से अधिक वेबसाइटों, कुछ रेडियो चैनलों और आईएसपी को विश्व कप 2019 का प्रसारण रोकने को कहा [आर्डर पढ़े]

Live Law Hindi
12 Jun 2019 8:50 AM GMT
दिल्ली हाईकोर्ट ने एकतरफ़ा अंतरिम आदेश में 60 से अधिक वेबसाइटों, कुछ रेडियो चैनलों और आईएसपी को विश्व कप 2019 का प्रसारण रोकने को कहा [आर्डर पढ़े]
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चैनल 2 ग्रूप कॉर्परेशन को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने एक तरफ़ा अंतरिम निर्णय सुनाया और 60 से अधिक वेबसाइटों, कुछ रेडियो चैनलों और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडरों को विश्व कप 2019 के प्रसारण से रोक दिया है। चैनल 2 ग्रूप कॉर्परेशन के पास विश्व कप के प्रसारण का विशेष अधिकार हासिल है।

वादी (Channel 2 Group Corporation) आईसीसी बिज़नेस कॉर्परेशन एफज़ेड एलएलसी के साथ विश्व कप 2019 के साथ ऑडीओ राइट्स का समझौता किया और इस पूरे कार्यक्रम के प्रसारण का अधिकार हासिल किया है।

वादी को आशंका है कि उसके विशेष ऑडीओ राइट्स का दुरुपयोग हो सकता है और उसकी आशंका इसलिए भी मज़बूत थी क्योंकि उसके साथ ऐसा पहले भी हो चुका है जिसकी वजह से उसे काफ़ी बड़ा वित्तीय घाटा हुआ था।

वादी को अपने एजेंसियों से पता चला कि प्रतिवादी उसके ऑडीओ राइट्स के विशेषाधिकार को प्रतिबंधित कर सकते हैं। उसने कहा कि अगर वह इसके लिए प्रतीक्षा करता और इससे जुड़े प्रत्येक पार्टी की पहचान करता तो इसमें काफ़ी वक़्त लग जाता और क्रिकेट का मैच समाप्त हो जाता। इस तरह उसे काफ़ी बड़ा नुक़सान होता और सिर्फ़ मौद्रिक रूप में इसका आकलन मुश्किल होता।

वादी के वक़ील ने कोर्ट से कहा कि प्रतिवादियों को वादी की ओर से इस मैच के ऑडीओ या रेडियो प्रसारण का लाइसेंस देकर अधिकृत नहीं किया गया है। वे विश्व कप 2019 कोई मैच सहित आईसीसी के किसी भी इवेंट को न तो लाइव दिखा सकते और न ही इसका बाद में ही प्रसारण कर सकते हैं। अगर वे इस इवेंट के किसी मैच को अनधिकृत रूप से दिखाते हैं तो वह ग़ैर क़ानूनी होगा।

वादी के वक़ील ने कहा कि अगर प्रतिवादियों को इस समय नहीं रोका गया तो वादी को भारी घाटा होगा जिसकी भरपाई नहीं हो सकती और इसका कोई निदान बाद में नहीं हो सकता क्योंकि इवेंट शुरू हो चुका है और यह 14 जुलाई 2019तक चलेगा।

इस मामले में कोर्ट ने इसी तरह के मामले में पहले आए फ़ैसले पर भरोसा किया। ये मामले हैं Star India Pvt. Ltd. v Piyush Agarwal, 2013 (54) PTC 222 (Del), जिसमें कोर्ट ने ऐसी किसी भी संस्था को जिसके पास प्रसारण का लाइसेन्स नहीं है, मैच अलर्ट या अपडेट भेजने के लिए इवेंट के समाप्त होने के 15 मिनट बाद ऐसा करने का आदेश दिया। इस बारे में एक अन्य मामले Star India Pvt. Ltd. v. Akuate Internet Services Pvt. Ltd., SC (2013) का भी ज़िक्र किया गया।

अंतरिम आदेश सुनाते हुए न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने कहा कि अदालत एकतरफ़ा अंतरिम आदेश देकर संतुष्ट है जो मामले के तथ्यों को देखते हुए जाऊरी था। इस आदेश से अदालत ने ऐसे किसी भी संस्थान को इस मैच के किसी भी माध्यम से ऑडीओ/रेडियो स्ट्रीमिंग या लाइव डिफ़र्ड अपडेट/रिपोर्टिंग करने पर सुनवाई की अगली तारीख़ तक के लिए रोक लगा दिया है अगर उसको इसका लाइसेन्स नहीं है।

अदालत ने यह भी आदेश दिया कि सर्च इंजिन अपने सर्च रिज़ल्ट के पेज, वेबसाइट्स/यूआरएल जो कि वादी के कॉपीराइट को नुक़सान पहुँचाते हैं, को हटा लेंगे।

चैनल 2 ग्रूप कॉर्परेशन की पैरवी जयंत मेहता, दीपक बिस्वास, अनु श्रीवास्तव, शुभलक्ष्मी सेन और आत्मजा ने की।


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