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कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" नारा शेयर करने वाले ग्रूप एडमिन की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज की

Rashid MA
28 Jan 2019 4:30 PM GMT
कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्हाट्सएप पर पाकिस्तान ज़िंदाबाद नारा शेयर करने वाले ग्रूप एडमिन की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज की
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कर्नाटक हाईकोर्ट ने 'पाकिस्तान ज़िंदाबाद' नारा व्हाट्सएप ग्रूप में शेयर करने की वजह से देशद्रोह का आरोप झेल रहे ग्रूप एडमिन की अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज का दी।

हनुमानगौडा सक्रागौड नायक नामक एक व्यक्ति की शिकायत पर शब्बीरसाब, चाँदपाश और मुस्तफ़ा के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 124-A के तहत राजद्रोह का मुक़दमा दायर किया गया।

शिकायतकर्ता के अनुसार शब्बीरसाब ने 14 अगस्त 2018 को "पाकिस्तान ज़िंदाबाद" लिखा पोस्ट साझा किया था और अपने भतीजा चाँदबाशा कलकेरी के साथ अपना फ़ोटो भी शेयर इसके साथ शेयर किया था। हाईकोर्ट ने 13 नवंबर 2018 को इन लोगों के अग्रिम ज़मानत याचिका ख़ारिज कर दी।

कोर्ट के सामने राज्य सरकार के वक़ील ने आरोप लगाया था कि इस व्हाट्सएप खाते के माध्यम से स्पष्ट रूप से आम लोगों को उकसाने का प्रयास किया गया है और समाज में समुदायों के बीच साम्प्रदायिक हिंसा फैलाने का प्रयास है और आवेदनकर्ताओं ने जो किया है वह देशद्रोह है।

न्यायमूर्ति एनके सुधीन्द्रराव ने कहा, "यह कहना ज़रूरी है कि हो सका है कि यह नारा एक या दो पंक्ति का है पर ग़ौर से देखने पर इसके पीछे जो मंशा है और इसका जो प्रभाव है वह बहुत ही गम्भीर है।" कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपियों ने मोबाइल सेट को नष्ट कर दिया था।

पहले 6 दिसम्बर 2018 को मुस्तफ़ा का अग्रिम ज़मानत का आवेदन ख़ारिज कर दिया गया। मुस्तफ़ा पर भी इस अपराध में शामिल होने का आरोप है। यह आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता और एक अन्य आरोपी इस व्हाट्सएप ग्रूप का एडमिनिस्ट्रेटर है।

न्यायमूर्ति केएस मुद्गल ने उसका अग्रिम ज़मानत वाला दूसरा आवेदन 27 दिसम्बर 2018 को ख़ारिज कर दिया। जज न कहा कि परिस्थिति में इस बीच कोई बदलाव नहीं आया है।

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