मतदाता सूची से बाहर लोगों का राशन रोकने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, कहा- कलकत्ता हाईकोर्ट जाएं
Amir Ahmad
23 Jun 2026 12:29 PM IST

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद सूची से बाहर हुए लोगों को राशन लाभ से वंचित किए जाने के पश्चिम बंगाल सरकार के कथित कदम को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया।
जस्टिस बी. वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की अवकाशकालीन पीठ ने मामले की तत्काल सूचीबद्धता की मांग ठुकराते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह दी।
यह याचिका पश्चिम बंगाल के खेत मजदूर संगठन 'पश्चिम बंग खेत मजदूर समिति' की ओर से दायर की गई। संगठन की ओर से अधिवक्ता एस. प्रसन्ना ने मामले का उल्लेख करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने पूछा कि जब इस मामले में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है तो संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्यों दायर की गई।
इस पर एडवोकेट प्रसन्ना ने दलील दी कि यह केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित मुद्दा नहीं है बल्कि राष्ट्रीय महत्व का विषय है। उनका कहना था कि अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि चूंकि सुप्रीम कोर्ट विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को वैध ठहरा चुका है, इसलिए इस मुद्दे पर सुनवाई के लिए वही उपयुक्त मंच है।
हालांकि, खंडपीठ ने इस दलील से सहमति नहीं जताई। अदालत ने कहा कि यह एक अलग कारण और अलग विवाद से जुड़ा मामला है। खंडपीठ ने यह भी उल्लेख किया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट फिर से कामकाज शुरू कर चुका है।
जस्टिस नागरत्ना ने याचिकाकर्ता से कहा,
"कृपया कलकत्ता हाईकोर्ट जाइये।"
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार किया और याचिकाकर्ता को उचित राहत के लिए कलकत्ता हाइकोर्ट का रुख करने की सलाह दी।

