आप अदालत को निर्देश नहीं दे सकते: सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC मामले में पश्चिम बंगाल की स्थगन मांग ठुकराई

Amir Ahmad

18 March 2026 3:24 PM IST

  • आप अदालत को निर्देश नहीं दे सकते: सुप्रीम कोर्ट ने I-PAC मामले में पश्चिम बंगाल की स्थगन मांग ठुकराई

    सुप्रीम कोर्ट ने आई-पैक कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल सरकार की सुनवाई टालने की मांग खारिज की।

    अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि पक्षकार अदालत को यह नहीं बता सकते कि वह कैसे कार्यवाही करे।

    जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें ED ने पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ याचिका दायर की।

    बता दें, ED का आरोप है कि आई-पैक कार्यालय पर छापे के दौरान राज्य सरकार की ओर से हस्तक्षेप किया गया।

    सुनवाई की शुरुआत में राज्य की ओर से सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने स्थगन की मांग करते हुए कहा कि ED द्वारा दाखिल जवाबी हलफनामे (रिजॉइंडर) पर प्रतिक्रिया देने के लिए समय चाहिए।

    इस पर ED की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कड़ा विरोध जताया और कहा कि यह सुनवाई में देरी की कोशिश है। उन्होंने कहा कि जवाबी हलफनामा चार हफ्ते पहले ही दाखिल किया जा चुका है।

    राज्य की ओर से यह भी दलील दी गई कि इस जवाबी हलफनामे में कई नए तथ्य जोड़े गए, जिन पर जवाब देना जरूरी है। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

    जस्टिस मिश्रा ने स्पष्ट कहा, “हम रिकॉर्ड पर मौजूद हर चीज पर विचार करेंगे। आप अदालत को निर्देश नहीं दे सकते।” उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि स्थगन के लिए एक तरह की लड़ाई चल रही है।

    जब अदालत ने साफ किया कि सुनवाई टाली नहीं जाएगी, तब राज्य ने प्रारंभिक आपत्तियों (मेंटेनेबिलिटी) पर पहले सुनवाई की मांग की।

    इस पर अदालत ने अनुमति देते हुए कहा कि राज्य पहले अपनी प्रारंभिक दलीलें रख सकता है।

    इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस कारण के सुनवाई टालने की अनुमति नहीं दी जाएगी और मामले की सुनवाई जारी रहेगी।

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