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तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने की अधिवक्ताओं से मंगलवार से काम पर लौटने की अपील

LiveLaw News Network
3 Nov 2019 2:34 PM GMT
तीस हज़ारी कोर्ट हिंसा  : बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने की अधिवक्ताओं से मंगलवार से काम पर लौटने की अपील
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दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट के परिसर में शनिवार को हुई हिंसा के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के मद्देनजर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने अधिवक्ताओं से 5 नवंबर, यानी मंगलवार से अदालत का काम फिर से शुरू करने की अपील की है।

इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया,

"बार काउंसिल ऑफ इंडिया दिल्ली के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित ऐतिहासिक आदेश का स्वागत करता है, जिससे बार काउंसिल ऑफ इंडिया और दिल्ली के वकीलों द्वारा 2 नवंबर 2019 को तीस हजारी कोर्ट के अधिवक्ताओं के खिलाफ पुलिस ज्यादती की दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर निंदा की गई है।

बार काउंसिल की शिकायतों के निवारण के लिए इस संवेदनशील मामले में दिल्ली के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उठाए गए त्वरित और सकारात्मक कदम के मद्देनजर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश के अधिवक्ताओं से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है कहा है कि अधिवक्ता 5 नवंबर, 2019 मंगलवार से अदालतों के कामकाज का किसी भी प्रकार के बहिष्कार का सहारा लें। "

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिए न्यायायिक जांच के आदेश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने विशेष सुनवाई करते हुए रविवार को तीस हजारी अदालत परिसर में हुई पुलिस और वकीलों के बीच झड़प की न्यायिक जांच का निर्देश दिया है। अदालत ने दिल्ली के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एसपी गर्ग को जांच का जिम्मा सौंपा है और कहा है कि सीबीआई निदेशक की मदद से इसे 6 सप्ताह के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही कोर्ट ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को सभी घायल वकीलों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने आगे आदेश दिया कि वकीलों की ओर से एफआईआर तुरंत दर्ज की जानी चाहिए और इसकी प्रतियां न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी। दिल्ली पुलिस आयुक्त को आरोपी पुलिस अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। पीठ ने कहा कि आयुक्त को दोषी अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच पूरी करनी चाहिए और 6 सप्ताह के भीतर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपनी चाहिए।

घायल वकीलों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार

दिल्ली सरकार को निर्देश दिया गया है कि वो घायल वकीलों को सर्वोत्तम चिकित्सा उपचार प्रदान करें और विशेष रूप से गंभीर रूप से घायल वकीलों को एम्स भेजे। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को वकील विजय वर्मा (जिन्हें बंदूक की गोली का सामना करना पड़ा) को 15,000 और अन्य दो घायल वकीलों को 10,000 रुपये की एकमुश्त पूर्व अनुदान राशि प्रदान करने का निर्देश दिया।पीठ ने साफ किया कि भविष्य की जरूरतों के आधार पर, इस राशि से अधिक और बाद में मुआवजा देना पड़ सकता है।

बार काउंसिल की प्रेस विज्ञप्ति पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



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