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जय शाह मानहानि मामले में द वायर ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली, वकील सिब्बल ने कहा, ट्रायल में सब सामने आ जाएगा

LiveLaw News Network
27 Aug 2019 2:29 PM GMT
जय शाह मानहानि मामले में  द वायर ने सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली, वकील सिब्बल ने कहा, ट्रायल में सब सामने आ जाएगा
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केंद्रीय मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह द्वारा 'द वायर' वेब पोर्टल के खिलाफ दाखिल आपराधिक मानहानि के मामले में 'द वायर' ने अपनी याचिका सुप्रीम कोर्ट से वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वो जल्द से जल्द इस मामले के ट्रायल को पूरा करें। शीर्ष अदालत के समक्ष याचिका वापस लेने के अनुरोध के साथ 'द वायर' के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ट्रायल में सब सामने आ जाएगा।

याचिका वापस लेने के अनुरोध के साथ याचिकाकर्ता ने जताई ट्रायल का सामना करने की इच्छा

दरअसल मंगलवार को याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एम. आर. शाह और जस्टिस बी. आर. गवई की पीठ से कहा कि वे अपनी याचिका वापस लेना चाहते हैं और ट्रायल का सामना करना चाहते हैं। पीठ ने इस पर हैरानी जताई और कहा कि वो इस मामले को सुनना चाहती है और सच्चाई का पता लगाना चाहती है। सिब्बल ने कहा कि ट्रायल में सब सामने आ जाएगा।

"जवाब के लिए जय शाह को क्यों मिला कम वक्त"

हाई वोल्टेज सुनवाई में पीठ ने यह कहा कि पोर्टल ने सवाल के जवाब के लिए जय शाह को कम वक्त क्यों दिया। यह पत्रकारिता नहीं है। प्रेस की आजादी की मतलब यह नहीं है। हालांकि इसके बाद पीठ ने याचिकाकर्ता को अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी।

पीठ ने दिया था कोर्ट के बाहर मामला सुलझाने का सुझाव; पोर्टल ने जताई अनिच्छा

इससे पहले पीठ ने यह सुझाव दिया था कि इस मामले को कोर्ट से बाहर बैठकर सुलझाना बेहतर होगा लेकिन 'द वायर' की ओर से इससे इनकार कर दिया गया था। वेब पोर्टल ने यह दावा किया कि जय शाह के खिलाफ आर्टिकल जनहित में दिया गया था और कोर्ट से बाहर समझौता नहीं हो सकता।

सुप्रीम कोर्ट में गुजरात हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ की गई है अपील

दरअसल सुप्रीम कोर्ट 'द वायर' की पत्रकार रोहिणी सिंह व संपादकों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत में चल रहे ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

गुजरात हाईकोर्ट का फैसला

गौरतलब है कि गुजरात हाईकोर्ट ने वेब पोर्टल 'द वायर' की पत्रकार रोहिणी सिंह की याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने जय शाह द्वारा दाखिल आपराधिक मानहानि के केस को रद्द करने की मांग की थी।

वेब पोर्टल 'द वायर' का जय शाह को लेकर लेख

वेब पोर्टल ने एक लेख में यह दावा किया था कि एनडीए के सत्ता में आने के एक साल बाद जय शाह की कंपनी का कारोबार 16,000 गुना बढ़ गया था। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद कंपनी ने अपने कारोबार में भारी वृद्धि की। एक साल में इसकी आय 50,000 रुपये से बढ़कर 80 करोड़ रुपये हो गई। जय शाह ने लेख लिखने वाली रोहिणी सिंह व संपादकों के खिलाफ आपराधिक मानहानि मुकदमा दायर किया है।

महानगर मजिस्ट्रेट का मामले में आदेश

आपराधिक मानहानि के मामले में महानगर मजिस्ट्रेट ने 13 नवंबर 2017 को सभी उत्तरदाताओं को बुलाया था। कोर्ट ने द वायर के खिलाफ यह आदेश दिया था कि वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अमित शाह के खिलाफ किसी विशेष रुप में समाचार प्रकाशित नहीं कर सकते, जिसके बाद 'द वायर' ने हाईकोर्ट का रुख किया था लेकिन हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी थी।

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