शिवसेना (UBT) सांसदों के विलय पर सुप्रीम कोर्ट का लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस, अंतरिम रोक से इनकार

Amir Ahmad

22 July 2026 4:33 PM IST

  • शिवसेना (UBT) सांसदों के विलय पर सुप्रीम कोर्ट का लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस, अंतरिम रोक से इनकार

    सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को शिवसेना (UBT) के सांसद अरविंद गणपत सावंत की याचिका पर सुनवाई करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी किया।

    याचिका में लोकसभा स्पीकर के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसमें शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर अंतरिम राहत देने से इनकार किया।

    जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ के समक्ष शिवसेना (UBT) की ओर से सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत ने दलील दी कि लोकसभा स्पीकर के समक्ष किसी भी सांसद के खिलाफ अयोग्यता संबंधी कोई याचिका लंबित नहीं थी। ऐसे में विलय को मंजूरी देने का कोई आधार ही नहीं था। उन्होंने स्पीकर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाने की मांग भी की।

    सुनवाई के दौरान देवदत्त कामत ने कहा,

    "यह मामला संवैधानिक मर्यादा और संसदीय लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों से जुड़ा है। हमारे नौ सांसदों में से छह हमारे चुनाव चिह्न पर चुने गए। जब कोई अयोग्यता याचिका लंबित ही नहीं थी तब विलय का सवाल कैसे उठ सकता है।"

    उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विलय संबंधी आदेश पर लोकसभा स्पीकर के बजाय किसी संयुक्त सचिव के हस्ताक्षर हैं, जिससे आदेश की वैधता पर भी सवाल खड़े होते हैं।

    वहीं एकनाथ शिंदे गुट की ओर से सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने याचिका का विरोध किया।

    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी किया लेकिन अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की।

    गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दी थी।

    विलय करने वाले सांसदों में संजय देशमुख (यवतमाल), संजय जाधव (परभणी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), नागेश पाटिल-अष्टीकर (हिंगोली), ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (धाराशिव) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी) शामिल हैं।

    इस विलय के बाद लोकसभा में शिवसेना (UBT) के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसदों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।

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