महाराष्ट्र SIR को चुनौती देने वाली याचिका राहुल गांधी की याचिका के साथ सूचीबद्ध करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, कहा- राज्यवार मुद्दों पर होगी सुनवाई
Amir Ahmad
15 Oct 2026 1:27 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिका को राहुल गांधी की याचिका के साथ सूचीबद्ध करने से इनकार किया।
गुरुवार, 15 अक्टूबर को मामले का उल्लेख चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष किया गया। इस दौरान कोर्ट ने मौखिक रूप से संकेत दिया कि वह SIR से जुड़े मुद्दों पर सामान्य रूप से नहीं, बल्कि प्रत्येक राज्य के संदर्भ में अलग-अलग विचार करना चाहता है।
महाराष्ट्र में SIR को चुनौती देने वाली याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 33 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटा दिए गए और एक करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम कथित तौर पर 'तार्किक विसंगति' के आधार पर मतदाता सूची से काट दिए गए। याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
गुरुवार को जब याचिका को राहुल गांधी और अन्य नेताओं की ओर से दायर SIR को चुनौती देने वाली याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया, तो पीठ ने इसे उसी दिन सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि वह SIR से संबंधित मुद्दों को राज्यवार देखना चाहता है, न कि सभी राज्यों से जुड़े मामलों को एक साथ सामान्य रूप से निपटाना चाहता है।
चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई। इनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा विपक्षी गठबंधन इंडिया के कई नेताओं की याचिकाएं भी शामिल हैं। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी प्रसाद यादव, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत, माकपा के एमए बेबी, भाकपा के डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माझी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।
इस बीच, बुधवार को एआईएमआईएम प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की वैधता बरकरार रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की।
महाराष्ट्र से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने से इनकार और राज्यवार मुद्दों पर विचार करने संबंधी कोर्ट की मौखिक टिप्पणी से संकेत मिलता है कि SIR को लेकर उठाए गए सवालों पर अलग-अलग राज्यों की परिस्थितियों के आधार पर सुनवाई की जा सकती है। हालांकि, महाराष्ट्र में मतदाताओं के नाम हटाए जाने से जुड़े आरोपों पर कोर्ट ने इस स्तर पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया।

