नियामक संस्था होने के बावजूद BCI लॉ कॉलेज नहीं चला सकती: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

Amir Ahmad

17 Aug 2026 5:19 PM IST

  • नियामक संस्था होने के बावजूद BCI लॉ कॉलेज नहीं चला सकती: प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

    एडवोकेट प्रशांत भूषण ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा लॉ कॉलेज चलाने को चुनौती देने वाली याचिका दाखिल करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जो संस्था कानून कॉलेजों के लिए नियामक की भूमिका निभाती है, वही खुद किसी लॉ कॉलेज का संचालन नहीं कर सकती।

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष भूषण ने यह बात उस समय कही, जब अदालत ईएएस शर्मा और अन्य की ओर से दाखिल उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें शांति अधिनियम की वैधता को चुनौती दी गई।

    सुनवाई के दौरान भूषण परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से जुड़े एक कथित हितों के टकराव का मुद्दा उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड के सदस्यों की नियुक्ति ऐसे चयन पैनल की सिफारिश पर होती है, जो परमाणु ऊर्जा आयोग द्वारा गठित किया जाता है जबकि परमाणु ऊर्जा आयोग खुद परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का संचालन करता है।

    उनका तर्क था कि इस तरह की व्यवस्था में नियामक संस्था की स्वतंत्रता प्रभावित होती है और स्वतंत्र नियामक बोर्ड बनाने का उद्देश्य ही कमजोर पड़ जाता है।

    इसी संदर्भ में, उन्होंने BCI का उदाहरण दिया।

    भूषण ने कहा,

    “आज बार काउंसिल एक लॉ कॉलेज चला रही है। वास्तव में हम इसे लेकर याचिका दाखिल कर रहे हैं कि बार काउंसिल लॉकॉलेज नहीं चला सकती। वह लॉ कॉलेजों का नियमन भी करती है और खुद एक लॉ कॉलेज भी चला रही है। यहां भी यही स्थिति है।”

    भूषण की यह टिप्पणी संभवतः गोवा स्थित बार काउंसिल ऑफ इंडिया ट्रस्ट द्वारा संचालित इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च से संबंधित है।

    BCI कानून की शिक्षा और विधि व्यवसाय से जुड़े संस्थानों के नियमन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। भूषण का तर्क है कि यदि नियामक संस्था खुद किसी लॉ कॉलेज का संचालन करती है तो इससे हितों के टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

    हाल ही में BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ कार्यक्रम में कहा कि वकीलों के अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए प्रस्तावित राष्ट्रीय विधि अकादमी की स्थापना इसी विश्वविद्यालय में की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने BCI को ऐसी अकादमी स्थापित करने का निर्देश दिया।

    इस कार्यक्रम में जस्टिस पी. नरसिम्हा भी शामिल हुए। उनकी पीठ ने वकीलों के अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए राष्ट्रीय विधि अकादमी स्थापित करने का निर्देश दिया।

    भूषण की ओर से अदालत में यह जानकारी फिलहाल प्रस्तावित याचिका दाखिल किए जाने के संदर्भ में दी गई। BCI द्वारा कानून कॉलेज चलाने के अधिकार और इससे जुड़े हितों के टकराव का मुद्दा अलग याचिका में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष उठाया जाएगा।

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