आतंक वित्तपोषण मामले में अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, ट्रायल में देरी पर जताई चिंता
Amir Ahmad
12 March 2026 1:42 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को आतंक वित्तपोषण मामले में जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई में हो रही लंबी देरी का कोई संतोषजनक कारण सामने नहीं आया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया। शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्विस ने पक्ष रखा, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा पेश हुए।
शब्बीर शाह को जून 2019 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 4 अक्टूबर 2019 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दाखिल दूसरी पूरक आरोपपत्र में उन्हें आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई मारे गए आतंकियों के परिवारों को सहायता दी हवाला के माध्यम से धन प्राप्त किया और नियंत्रण रेखा के पार व्यापार के जरिए धन जुटाया, जिसका उपयोग विध्वंसक और उग्र गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया गया।
शाह ने इससे पहले विशेष एनआईए अदालत द्वारा 7 जुलाई 2023 को जमानत याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में कहा गया था कि मुख्य आरोपपत्र और पहले पूरक आरोपपत्र में उनका नाम शामिल नहीं था। इसके अलावा वह लंबे समय से हिरासत में हैं और मामले में अभियोजन पक्ष को लगभग 400 गवाहों से बयान दर्ज कराने हैं जिससे शीघ्र सुनवाई की संभावना बेहद कम है।
दूसरी ओर एनआईए ने अदालत में दलील दी कि शाह सहित कई आरोपियों ने मिलकर कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध जैसी स्थिति पैदा करने के उद्देश्य से धन इकट्ठा करने की साजिश रची थी।
सभी पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई में हो रही देरी को ध्यान में रखते हुए शब्बीर अहमद शाह को जमानत दे दी।

