AIBE साल में दो बार होगी, अंतिम सेमेस्टर के स्टूडेंट भी दे सकेंगे परीक्षा: BCI ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
Amir Ahmad
20 Jan 2026 5:29 PM IST

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने नियम बना दिए, जिनके तहत अब अंतिम वर्ष के कानून के स्टूडेंट भी ऑल इंडिया बार परीक्षा (AIBE) में शामिल हो सकेंगे। साथ ही AIBE अब साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ वर्ष 2024 में दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अंतिम सेमेस्टर के स्टूडेंट्स को AIBE में बैठने की अनुमति देने की मांग की गई।
इससे पहले वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित कर अंतिम वर्ष के स्टूडेंट्स को उस वर्ष आयोजित AIBE में शामिल होने की अनुमति दी थी। वहीं वर्ष 2023 में कोर्ट ने BCI को इस संबंध में नियम बनाने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान BCI की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इन निर्देशों के अनुपालन में BCI नियम, 2026 तैयार कर लिए गए।
BCI के वकील ने कहा कि ऑल इंडिया बार परीक्षा अब साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएगी और अंतिम सेमेस्टर के स्टूडेंट को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि उनका परिणाम अंतिम कानून परीक्षा उत्तीर्ण करने के अधीन रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया कि वर्ष 2026 के नियम बनाए जाने के साथ ही याचिका का उद्देश्य पूरा हो गया।
याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील के समर्थन में संविधान पीठ के निर्णय बार काउंसिल ऑफ इंडिया बनाम बॉनी फोई विधि महाविद्यालय एवं अन्य पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया कि अंतिम वर्ष के लॉ स्टूडेंट्स को AIBE में बैठने की अनुमति दी जानी चाहिए।
इस निर्णय के पैरा 38 में संविधान पीठ ने कहा कि जो स्टूडेंट फाइनल ईयर के फाइनल सेमेस्टर में एडमिशन के लिए आवश्यक सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके हैं, वे इसका प्रमाण प्रस्तुत करने पर ऑल इंडिया बार परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।
हालांकि AIBE का परिणाम यूनिवर्सिटी या लॉ कॉलेज द्वारा निर्धारित कोर्स की सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के अधीन रहेगा और परीक्षा परिणाम की वैधता सीमित अवधि तक ही होगी।

