सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायिक अधिकारी को वकालत से स्थायी रूप से रोकने वाले BCI के आदेश पर लगाई रोक

Amir Ahmad

27 Aug 2026 12:49 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायिक अधिकारी को वकालत से स्थायी रूप से रोकने वाले BCI के आदेश पर लगाई रोक

    सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के वकील और पूर्व न्यायिक अधिकारी नरेंद्र कुमार जैन को वकालत करने से स्थायी रूप से रोकने के बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के आदेश पर रोक लगाई।

    BCI ने न्यायपालिका और जजों के खिलाफ कथित अनुचित टिप्पणियों को लेकर उन्हें पेशेवर कदाचार का दोषी मानते हुए यह कार्रवाई की थी।

    जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने नरेंद्र कुमार जैन की अपील पर सुनवाई करते हुए BCI के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई।

    सुप्रीम कोर्ट ने मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस भी जारी किया।

    याचिका में नरेंद्र कुमार जैन ने BCI के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ कार्रवाई के दौरान उन्हें अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन बताया।

    पूर्व न्यायिक अधिकारी की ओर से सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी कि BCI ने उन्हें बचाव का कोई उचित अवसर दिए बिना ही आदेश पारित कर दिया।

    उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से ऐसा कोई अनुचित कार्य नहीं किया गया था जिसके आधार पर उन्हें वकालत से स्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए।

    दलीलों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बीसीआई के आदेश पर रोक लगाई और परिषद से जवाब मांगा। मामले में आगे की सुनवाई के दौरान BCI का पक्ष भी सामने आएगा।

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