तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू धर्म परिषद की याचिका पर नोटिस जारी किया

Amir Ahmad

23 Jan 2026 12:13 PM IST

  • तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी मामला: सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू धर्म परिषद की याचिका पर नोटिस जारी किया

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (23 जनवरी) को हिंदू धर्म परिषद की ओर से दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में मांग की गई कि तिरुप्परनकुंद्रम भगवान मुरुगन सुब्रमणिया स्वामी मंदिर और पूरी तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी का नियंत्रण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और अन्य केंद्रीय प्राधिकरणों को सौंपा जाए। इसके साथ ही पहाड़ी की चोटी पर स्थित दीपथून (पत्थर के स्तंभ) पर प्रतिदिन 24 घंटे स्थायी रूप से दीपक जलाने के निर्देश देने की भी मांग की गई।

    याचिका में यह भी कहा गया कि कार्तिगई के दिन पूरी तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी को दीपों से रोशन किया जाए और मुरुगन के भक्तों को वहां पूजा-अर्चना की अनुमति दी जाए।

    जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार, ASI, तमिलनाडु सरकार, हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ बंदोबस्त (एचआर एंड सीई) विभाग, मदुरै जिला कलेक्टर, मदुरै पुलिस आयुक्त और सुब्रमणिया स्वामी मंदिर के कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी किया।

    सुनवाई के दौरान जस्टिस अरविंद कुमार ने सवाल किया कि क्या यह मामला अभी मद्रास हाइकोर्ट में लंबित है। इस पर तमिलनाडु सरकार की ओर से बताया गया कि 6 जनवरी को डिवीजन बेंच ने एकल जज का आदेश बरकरार रखा, जिसमें दीपक जलाने की अनुमति दी गई। साथ ही यह भी कहा गया कि पक्षकार उस आदेश को चुनौती देने के लिए विशेष अनुमति याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं।

    गौरतलब है कि मद्रास हाइकोर्ट के जस्टिस स्वामीनाथन ने 1 दिसंबर को अरुलमिघु सुब्रमणिया स्वामी मंदिर प्रबंधन को तिरुप्परनकुंद्रम पहाड़ी की चोटी पर स्थित पत्थर के स्तंभ पर दीपक जलाने का आदेश दिया था, जो एक दरगाह के निकट स्थित है। बाद में उन्होंने राज्य सरकार को आदेश के क्रियान्वयन में बाधा डालने पर फटकार भी लगाई।

    राज्य सरकार द्वारा आदेश का पालन न किए जाने पर अवमानना याचिका दायर की गई। इस पर 3 दिसंबर को जस्टिस स्वामीनाथन ने भक्तों को CISF की सुरक्षा में पहाड़ी पर जाकर स्वयं दीप जलाने की अनुमति दी थी। साथ ही, धारा 144 के तहत जारी निषेधाज्ञा रद्द करते हुए राज्य के मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को हाइकोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया गया था।

    तमिलनाडु सरकार ने अवमानना आदेश के खिलाफ लेटर पेटेंट अपील दायर की थी, जिसे डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया। इसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। इसी बीच राज्य सरकार, पुलिस, दरगाह और तमिलनाडु वक्फ बोर्ड ने भी एकल जज के आदेश के खिलाफ डिवीजन बेंच का रुख किया था।

    अंततः 6 जनवरी को जस्टिस जी. जयचंद्रन और जस्टिस के.के. रामकृष्णन की डिवीजन बेंच ने सिंगल जज का आदेश बरकरार रखा। अब इस पूरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में आगे सुनवाई होगी।

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