सुप्रीम कोर्ट ने सात पूर्व हाईकोर्ट जजों को दिया सीनियर एडवोकेट का दर्जा
Amir Ahmad
22 May 2026 11:55 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने देश के विभिन्न हाईकोर्टों के सात पूर्व जजों को सीनियर एडवोकेट के रूप में डेजिग्नेशन किया। इस संबंध में 21 मई को अधिसूचना जारी की गई।
अधिसूचना के अनुसार 20 मई को हुई फुल कोर्ट बैठक में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के जजों ने इन नामों को मंजूरी दी। सीनियर एडवोकेट का दर्जा 20 मई 2026 से प्रभावी माना गया।
जिन पूर्व जजों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेट किया गया, उनमें शामिल हैं—
1. जस्टिस बाबू के., पूर्व जज, केरल हाईकोर्ट।
2. जस्टिस देबब्रत दास, पूर्व जज, ओडिशा हाईकोर्ट।
2. जस्टिस ख्वैराकपम नोबिन सिंह, पूर्व जज, मणिपुर हाईकोर्ट।
3. जस्टिस महबूब अली, पूर्व जज, इलाहाबाद हाईकोर्ट।
4. जस्टिस एन. नागरेश, पूर्व जज, केरल हाईकोर्ट।
5. जस्टिस श्रीकांत दत्तात्रेय कुलकर्णी, पूर्व जज, बॉम्बे हाईकोर्ट।
6. जस्टिस वी. जी. अरुण, पूर्व जज, केरल हाईकोर्ट।
सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट की डेजिग्नेशन कानूनी पेशे में विशेष सम्मान माना जाता है। यह दर्जा उन वकीलों को दिया जाता है, जिन्होंने विधि क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और विशेषज्ञता प्रदर्शित की हो।

