सुप्रीम कोर्ट का सख्त कदम: अब सिर्फ विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगी तारीख
Amir Ahmad
18 March 2026 3:32 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने मामलों में बार-बार तारीख लेने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए नया और सख्त नियम लागू किया।
18 मार्च 2026 को जारी सर्कुलर में अदालत ने स्पष्ट किया कि अब स्थगन (एडजर्नमेंट) केवल विशेष परिस्थितियों” में ही दिया जाएगा।
यह नया सर्कुलर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के निर्देश पर जारी किया गया। इससे पहले नवंबर व दिसंबर, 2025 में जारी पुराने नियमों को निरस्त कर दिया गया।
नए नियमों के तहत अब वकील या स्वयं पक्षकार (पार्टी-इन-पर्सन) स्थगन के लिए आवेदन दे सकते हैं लेकिन इसके लिए तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थगन मांगने से पहले उसकी प्रति विपक्षी पक्ष को देना जरूरी होगा और इसका प्रमाण भी देना होगा। यह आवेदन सुनवाई से एक दिन पहले सुबह 11 बजे तक जमा करना होगा।
विपक्षी पक्ष को भी अब अधिकार दिया गया कि वह इस मांग का विरोध कर सकता है। इसके लिए उसे दोपहर 12 बजे तक ईमेल के जरिए अपना जवाब देना होगा, जिसे अदालत के समक्ष रखा जाएगा।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हर स्थगन आवेदन में कारणों का स्पष्ट उल्लेख करना होगा और यह बताना होगा कि पहले कितनी बार तारीख ली जा चुकी है।
कोर्ट ने कहा कि केवल गंभीर परिस्थितियों जैसे परिवार में मृत्यु, बीमारी या अन्य वास्तविक कारण में ही स्थगन पर विचार किया जाएगा।
देरी को रोकने के लिए कोर्ट ने कुछ और कड़े प्रावधान भी किए। नए मामलों में स्थगन का आवेदन केवल एक बार ही दिया जा सकेगा। साथ ही लगातार दो बार स्थगन नहीं मिलेगा, जब तक मामला अदालत के सामने पेश न किया जाए।
सभी आवेदन निर्धारित प्रारूप में तय ईमेल पर भेजने होंगे।
सबसे अहम बात यह है कि नियमित सुनवाई वाले मामलों में अब किसी भी प्रकार का स्थगन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट का यह कदम मामलों के शीघ्र निपटारे और न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

