वडोदरा कार हादसा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की जमानत में दखल देने से किया इनकार
Amir Ahmad
19 March 2026 1:06 PM IST

वडोदरा कार हादसे के बहुचर्चित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की याचिका खारिज करते हुए आरोपी को मिली जमानत में हस्तक्षेप करने से इनकार किया।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी पहले ही लगभग नौ महीने से हिरासत में है, ऐसे में उसे और समय तक जेल में रखने का कोई ठोस आधार नहीं है।
यह मामला 23 वर्षीय कानून के छात्र रक्षित रवीश चोरासिया से जुड़ा है, जिस पर मार्च 2025 में नशे की हालत में लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप है। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि नौ अन्य घायल हुए थे।
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने नशा कर रखा था और उसने लगातार तीन टक्कर मारीं। घटना के बाद भी उसमें कोई पछतावा नहीं था और वह एक और राउंड जैसी बातें कर रहा था।
राज्य ने यह भी कहा कि आरोपी समाज के लिए खतरा है और उसके खिलाफ मादक पदार्थ कानून के तहत एक और मामला दर्ज है।
हालांकि अदालत ने सवाल उठाया कि आरोपी को और कितने समय तक हिरासत में रखा जाना चाहिए, खासकर जब वह पहले ही लंबे समय से जेल में है।
राज्य ने यह भी तर्क दिया कि हाइकोर्ट ने केवल आरोपी की उम्र और घटना के हालात को देखते हुए जमानत दी, जो उचित नहीं है।
इस पर अदालत ने संकेत दिया कि घटना जानबूझकर नहीं की गई।
अंततः सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि मामले में जमानत रद्द करने का कोई ठोस कारण नहीं है और आरोपी को मिली राहत बरकरार रखी।
गौरतलब है कि आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम के तहत भी मामले दर्ज हैं, जिनमें लापरवाही से वाहन चलाना, जान को खतरे में डालना और नशे में ड्राइविंग जैसे आरोप शामिल हैं।

