सोशल मीडिया पर यह सोचा जाता है कि जज की प्रत्येक टिप्पणी एक जजमेंट है : जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़
Sharafat
13 Sept 2022 9:23 PM IST

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान की गई मौखिक टिप्पणी केवल विचार-विमर्श के लिए चैनल खोलने के लिए है और इसे न्यायालय के निर्णय के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।
न्यायाधीश चिंतित थे कि सोशल मीडिया पर यूज़र्स अक्सर दोनों के बीच के अंतर की सराहना करने में विफल होते हैं।
जस्टिस चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की,
"जब हम कहते हैं कि यह इसकी सेवा करेगा हम यह नहीं कह रहे हैं कि यह हमारा निर्णय है। सोशल मीडिया सोचता है कि हर बार जब हम न्यायालय में कुछ कहते हैं, तो यह निर्णय होता है। यह केवल संवाद की एक खुली प्रक्रिया है, ताकि आप हमें बता सकें कि हम सही हैं या गलत।"
जस्टिस चंद्रचूड़ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के संविधान में संशोधन की अनुमति मांगने वाली याचिका की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर स्पष्ट टिप्पणी की।

