सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में SIR को चुनौती देने वाली याचिका पर ECI से मांगा जवाब
Amir Ahmad
26 Oct 2026 3:35 PM IST

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देने वाली रिट याचिका पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को नोटिस जारी किया।
हालांकि, कोर्ट ने दावों और आपत्तियों की तारीख बढ़ाने या ECI को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने से रोकने के लिए कोई एकतरफा आदेश पारित करने से इनकार किया।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने इस मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर के लिए तय की।
याचिकाकर्ता अरुण आनंदगिरी की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अरविंद पी. दातार ने बताया कि राज्य के 9 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 33% (3 करोड़) मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद हटा दिए गए। इनमें से 1.22 करोड़ मतदाताओं के नाम तार्किक विसंगति के आधार पर हटाए गए।
दातार ने कहा कि ECI इन हटाए गए मतदाताओं से नए सिरे से पंजीकरण के लिए 'फॉर्म 6' भरने को कह रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि 'फॉर्म 6' पहली बार मतदान करने वालों के लिए होता है और जो लोग पहले मतदान कर चुके हैं, उनसे यह फॉर्म भरने के लिए नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने आग्रह किया कि चुनाव आयोग को अंतिम सूची (जो 6 नवंबर को जारी होनी है) को अंतिम रूप देने से रोका जाए, क्योंकि महाराष्ट्र में अभी कोई चुनाव नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि हटाए गए 3 करोड़ मतदाताओं को वापस सूची में शामिल करने में कुछ समय लगेगा।
दातार ने बताया कि पुणे और मुंबई में 40% मतदाता सूची से गायब हैं। उन्होंने कहा कि इन शहरों में पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण कई मतदाता दूसरी जगहों पर चले गए लेकिन उनमें से बहुत से लोगों के नाम व्यक्ति नहीं मिला के आधार पर हटा दिए गए।
उन्होंने अंतिम सूची प्रकाशित करने की तारीख बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि यह महाराष्ट्र की एक विशेष समस्या है। दातार ने इस बात पर जोर दिया कि SIR के बाद हटाए गए किसी मौजूदा मतदाता से 'फॉर्म 6' भरने के लिए कहना गलत होगा क्योंकि इस फॉर्म में आवेदक को यह घोषणा करनी होती है कि उसने पहले कभी मतदान नहीं किया।
उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, अगर वे फॉर्म 6 भरते हैं तो उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।
दातार ने कहा,
"दिल्ली हाईकोर्ट का कहना है कि चिंता न करें, कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। लेकिन यह कोई जवाब नहीं है।"
CJI कांत ने कहा,
"किसी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।"
दातार ने कहा कि हटाए गए मतदाताओं के लिए एक नया फॉर्म होना चाहिए, क्योंकि फॉर्म 6 भरने को गलत घोषणा माना जा सकता है।
उन्होंने दावों और आपत्तियों की समय-सीमा (जो आज है) को बढ़ाने का भी अनुरोध किया।
हालांकि, बेंच ने ECI का पक्ष सुने बिना ऐसा कोई आदेश देने से इनकार किया।
चीफ जस्टिस ने कहा कि कोर्ट ने अन्य राज्यों में SIR के संबंध में तारीख बढ़ाई है।

