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सुप्रीम कोर्ट ने JP ग्रुप के अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए NBCC से जवाब मांगा

LiveLaw News Network
3 Sep 2019 4:12 PM GMT
सुप्रीम कोर्ट ने JP ग्रुप के अधूरे प्रोजेक्ट पूरे करने के लिए NBCC से जवाब मांगा
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ( NBCC) से जवाब मांगा है कि क्या वो जेपी समूह की रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए संशोधित प्रस्ताव देने को तैयार है।

जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने NBCC को नोटिस जारी किया और गुरुवार तक इसका जवाब मांगा।

केंद्र की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल माधवी दीवान ने कहा कि सरकार ने विभिन्न हितधारकों के साथ तीन बैठकें की हैं और फैसला लिया है कि अगर सिर्फ NBCC को रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने की अनुमति दी जाए तो वो जेपी समूह को किसानों को मुआवजा बढ़ाने के लिए सैंकड़ों करोड़ की कर रियायत देने को तैयार है ।

जेपी समूह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील फली नरीमन और अनुपम लाल दास ने कहा कि अगर NBCC को संशोधित प्रस्ताव देने की अनुमति दी जाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन समूह को भी एक प्रस्ताव देने की अनुमति दी जानी चाहिए क्योंकि वह ऋणदाताओं को सभी बकाया राशि का भुगतान करने के लिए तैयार है और तीन साल के भीतर सभी रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा कर सकते हैं।

नरीमन ने कहा कि जब अदालत NBCC के प्रस्तावों पर गौर करे तो इस विकल्प पर भी विचार किया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि यह पहले देखेगी कि NBCC क्या प्रस्ताव देता है और उसके बाद ही वह जेपी समूह के नए प्रस्ताव पर गौर कर सकती है। पीठ ने मामले को गुरुवार को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया और तब तक के लिए यथास्थिति बढ़ा दी।

गौरतलब है कि 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जेपी ग्रुप द्वारा नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के 30 जुलाई के आदेश को चुनौती देने के बाद दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया पर एक हफ्ते के लिए यथास्थिति का आदेश दिया था और जेपी इंफ्राटेक के लिए नए सिरे से बोली लगाने की अनुमति दी थी।30 जुलाई को NCLAT ने घाटे में चल रही जेपी इंफ्राटेक के लिए नए सिरे से बोली लगाने की अनुमति दी थी लेकिन इसके प्रमोटर जेपी ग्रुप को नीलामी में भाग लेने से रोक दिया था।

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