Begin typing your search above and press return to search.
ताजा खबरें

COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट जल्द खुली अदालत में सुनवाई करने के पक्ष में नहीं

LiveLaw News Network
10 Jun 2020 5:02 AM GMT
COVID-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट जल्द खुली अदालत में सुनवाई करने के पक्ष में नहीं
x

सुप्रीम कोर्ट की एक सात-न्यायाधीश समिति महामारी के मद्देनजर नियमित खुली अदालत की सुनवाई फिर से शुरू करने के पक्ष में नहीं है। इकोनॉमिक्स टाइम्स के हवाले से यह खबर आई है।

ईटी ने एक सूत्र के हवाले से कहा,

"सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एनवी रमाना की अध्यक्षता वाली समिति ने सोमवार को बैठक की और फैसला किया कि अदालतें नियमित सुनवाई के लिए नहीं खोली जा सकतीं। यह एक गंभीर स्थिति है और संक्रमण फैल रहा है और जोखिम नहीं उठाया जा सकता।"

इस संबंध में कोई निर्णय जून के अंत तक होने की संभावना है। कथित तौर पर, कुछ न्यायाधीशों ने अधिवक्ताओं की दुर्दशा के प्रति सहानुभूति व्यक्त की, लेकिन हालातों पर असहायता व्यक्त की।

"हाँ, यह उनके लिए बहुत मुश्किल है, लेकिन ये चुनौतीपूर्ण समय हैं," न्यायाधीशों में से एक ने कहा।

सुप्रीम कोर्ट में 19 जून से 6 जुलाई तक गर्मियों की छुट्टियां होंगी। इससे पहले, कोर्ट ने लॉकडाउन के कारण होने वाले कामकाजी घंटों के नुकसान के लिए 45 दिनों की गर्मियों की छुट्टी को दो सप्ताह तक सीमित करने का फैसला किया था।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने शीर्ष अदालत से जल्द से जल्द भौतिक कामकाज फिर से शुरू करने का आग्रह किया।

भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए एक पत्र में, बीसीआई के अध्यक्ष, मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि वर्चुअल अदालतें केवल कुछ विशिष्ट वकीलों को लाभान्वित कर रही हैं और अधिकांश अधिवक्ता पीड़ित हैं।

पत्र में कहा गया कि

"केवल कुछ भाग्यशाली व्यक्तियों के मामले तय किए जा रहे हैं, लगभग सभी उच्च न्यायालयों में इस बंद के दौरान केवल कुछ लोगों ने बहुत पैसा कमाया है। ऐसे संदेश बीसीआई में नियमित रूप से डाले जा रहे हैं।

इससे आम अधिवक्ताओं को बहुत नुकसान हुआ है और लगभग सभी न्यायालयों में 95% अधिवक्ताओं के बीच एक आक्रोश विकसित हो रहा है, इसलिए, हम इन सभी कठोर तथ्यों को अपने सर्वोच्च प्राधिकरण के ज्ञान में ला रहे हैं। लगभग यही हाल सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं का भी है।"

बीसीआई अध्यक्ष ने 1 जून से भौतिक रूप से कामकाज फिर से शुरू करने का आग्रह किया था।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की ई-कोर्ट कमेटी के प्रमुख जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि वर्चुअल कोर्ट पूरी तरह से खुली अदालतों की जगह नहीं ले सकते।

Next Story