Russia-Ukraine Conflict: सुप्रीम कोर्ट यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की मांग वाली याचिका पर विचार करने के लिए सहमत

  • Russia-Ukraine Conflict: सुप्रीम कोर्ट यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की मांग वाली याचिका पर विचार करने के लिए सहमत

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) गुरुवार को रूसी और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष (Russia-Ukraine Conflict) के चलते यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने की मांग वाली एक याचिका पर विचार करने के लिए सहमत हो गया।

    आज सुबह भारत के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष याचिका का उल्लेख किया गया।

    सीजेआई इस मामले को उठाने के लिए सहमत हुए और कहा कि वह भारत के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल की सहायता लेंगे।

    एक वकील ने भारत के मुख्य न्यायाधीश के सामने उल्लेख किया कि कई भारतीय छात्र रोमानियाई सीमा पर फंसे हुए हैं।

    सीजेआई रमाना ने वकील से पूछा,

    "कोर्ट क्या कर सकता है? क्या मैं रूस के राष्ट्रपति को युद्ध रोकने के लिए निर्देश दे सकता हूं?"

    आगे कहा,

    "सोशल मीडिया पर मैंने कुछ वीडियो देखा जिसमें कहा गया कि सीजेआई क्या कर रहे हैं!"

    वकील ने प्रस्तुत किया कि याचिका केंद्र को छात्रों को निकालने के लिए कदम उठाने के निर्देश देने की मांग कर रही है।

    वकील ने बताया कि ज्यादातर छात्र लड़कियां हैं और वे ठंड से पीड़ित हैं।

    सीजेआई ने जवाब दिया,

    "हमें उनके साथ पूरी सहानुभूति है। लेकिन कोर्ट क्या कर सकता है।"

    उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की देखभाल के लिए कदम उठा रही है।

    सीजेआई ने कहा,

    "आप अदालत से क्या करने की उम्मीद करते हैं? सरकार पहले से ही कर रही है।"

    वकील ने कहा कि करीब 30 छात्राएं यूक्रेन की सीमा पर करीब 6 दिनों से बिना भोजन के फंसी हुई हैं।

    सीजेआई ने कहा कि वह भारत के अटॉर्नी जनरल से स्टेटस का पता लगाने के लिए कहेंगे और मामले को सूचीबद्ध करेंगे।

    सीजेआई ने अंत में वकील से कहा,

    "हम अटॉर्नी जनरल से इसका पता लगाने के लिए कहेंगे।"

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