लखनऊ में वकीलों के चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, 30 अगस्त के नोटिस का दिया हवाला
Amir Ahmad
24 Aug 2026 1:17 PM IST

लखनऊ में कथित अतिक्रमण कर बनाए गए वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सोमवार को मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए बताया कि चैंबरों को ध्वस्त करने के लिए 30 अगस्त की तारीख से संबंधित नोटिस जारी किए गए।
मामले का उल्लेख सुनने के दौरान चीफ जस्टिस ने पहले पूछा कि याचिकाकर्ता इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख क्यों नहीं कर रहे हैं। इस पर वकील ने कहा कि चैंबरों को ध्वस्त करने का आदेश खुद हाईकोर्ट ने दिया।
चीफ जस्टिस ने टिप्पणी की,
“ये चैंबर अनधिकृत होंगे।”
इस पर वकील ने जवाब दिया कि ये चैंबर पिछले करीब 40 वर्षों से मौजूद हैं।
चीफ जस्टिस ने कहा,
“हम देखेंगे।”
हालांकि, कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि संबंधित वकील ध्वस्तीकरण नोटिस का जवाब दे सकते हैं।
इस पर वकील ने कहा कि नोटिस जारी करने का उद्देश्य ही चैंबरों को ध्वस्त करना है।
मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 6 अगस्त के आदेश से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने लखनऊ नगर निगम को 72 कथित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इनमें ज्यादातर वकील बताए गए। आरोप है कि इन लोगों ने लखनऊ जिला अदालत परिसर के पास सार्वजनिक रास्तों या सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर चैंबर बना रखे हैं।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि संबंधित लोगों को या तो कथित अतिक्रमित स्थानों पर बने चैंबर खाली करने होंगे या फिर इन संरचनाओं पर अपने वैध अधिकार का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। ऐसा नहीं करने पर लखनऊ नगर निगम को चैंबरों को ध्वस्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई मार्च में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ द्वारा दिए गए आदेश के बाद शुरू हुई। उस आदेश में लखनऊ स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर यानी पुराने हाईकोर्ट के आसपास बनी कथित अनधिकृत संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया गया।
अब वकीलों के चैंबरों को लेकर जारी ध्वस्तीकरण नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया।
चीफ जस्टिस ने मामले को देखने की बात कही है, लेकिन अभी सुनवाई की कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई।


